Chronic Pancreatitis in Children: दिल्ली-NCR से एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई. दरअसल 10 साल की बच्ची क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस का शिकार हुईं. पैनक्रियाटाइटिस लंबे समय तक रहने वाली सूजन की स्थिती है, ये कंडिशन अग्नाशय यानी पैंक्रियास को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है. वहीं इस मामले के सामने आते ही मेडिकल जगत में हड़कंप मच गया.
आपको बता दें कि पहले इसे लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी माना जाता था. यहां तक की इसके मामले सिर्फ बड़ों में ही देखे जाते थे. इसमें भी खासतौर पर उन व्यक्तियों में जो काफी धूम्रपान या फिर शराब का सेवन करते थे या हैं. यही कारण है कि इस मामले ने हड़कंप मचा दिया. क्योंकि ये तेजी से बढ़ रही है और बच्चों में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है.
कम उम्र में हुईं (FCPD) का शिकार
जानकारी के अनुसार 10 साल की बच्ची की कंडिशन इतनी खराब हो चुकी थी. यानी पैंक्रियाज में ऐसे घाव बन चुके थे जिसे ठीक नहीं किया जा सकता था. इसके कारण कम उम्र में ही फाइब्रो-कैलकुलस पैंक्रियाटिक डायबिटीज यानी (FCPD) हो गई. इससे भी बुरी बात यह है कि डॉक्टरों का कहना है कि अब यह कोई अकेला मामला नहीं रहा. यानी बच्चों में पैंक्रियाटाइटिस के मामले में भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं. बच्चों में बढ़ते हुए इसके मामले यानी ट्रेंड चिंताजनक है.
क्या है फ्राइब्रो-कैलकुलस पैंक्रियाटिक डायबिटीज (FCPD)
अब जान लेते हैं कि आखिर फ्राइब्रो-कैलकुलस पैंक्रियाटिक डायबिटीज यानी (FCPD) आखिर है क्या? तो बता दें कि ये एक दुर्लभ प्रकार का पैंक्रियाटिक डायबिटीज है. यानी इसमें पैंक्रियास के अंदर कैल्शियम के जमाव और फाइब्रोसिस होता है, जिससे पैंक्रियास की इंसुलिन बनाने की क्षमता प्रभावित होती है और डायबिटीज हो जाता है.
इसके लक्षण जानें
अब इनके लक्षणों की अगर बात की जाए तो इसमें बहुत अधिक प्यास लगना, बार-बार यूरिन आना, वजन कम होना, थकान या फिर कमजोरी महसूस होना, पेट में दर्द, पाचन की समस्याएं, डायबिटीज के लक्षण जैसे हाई ब्लड प्रेशर की समस्याएं होना इसके लक्षण हो सकते हैं. अब जान लेते हैं कि आखिर ये बीमारी किस वजह से होती है, तो इसके कारण है हमारी पैंक्रियास में कैल्शियम का जमाव होना, फाइब्रोसिस या फिर पैंक्रियास में सूजन आना, जेनेटिक और खानपान. इसके कारण हो सकते हैं.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


