Heart Attack Vs Panic Attack: कुछ लोग अचानक घबराहट, तेज धड़कन, पसीना आने की समस्या से परेशान होते है. जब इस तरह के लक्षण दिखते हैं तो लोग इसे समझते हैं कि वो हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं. लेकिन कई बार ये पैनिक अटैक भी हो सकता है.
हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हार्ट अटैक और पैनिक अटैक दोनों के लक्षण एक जैसे ही दिखाी देते हैं. इसलिए दोनों के बीच में क्या फर्क होता है ये समझना बहुत जरूरी हो जाता है. इसलिए भी अगर कोई व्यक्ति आपके आस-पास ऐसी समस्या का शिकार होता है तो आप उसे बचा पाएं और उसे इस मुश्किल स्थिती से बाहर निकाल सकें. आइए डिटेल में दोनों के बीच का अंतर जान लेते हैं.
क्या होता है दोनों में फर्क?
एक्सपर्ट कहते हैं कि पैनिक अटैक अक्सर मेंटल टेंशन, स्ट्रेस या फिर इमोशनल प्रेशर फील हो ऐसी कंडिशन में आता है. कुछ मामलों में ये बिना किसी कारण भी आ जाता है. जिसमें व्यक्ति दिल की धड़कनें तेज महसूस करता है, पसीना आता है, सांस फूलने लगती है, डर लगने लगता है. लेकिन टेस्ट कराने पर ईसीजी, इको या दूसरे टेस्ट नॉर्मल आते हैं. ये थे पैनिक अटैक के लक्षण. अब जान लेते हैं हार्ट अटैक के लक्षण.
हार्ट अटैक की स्थिती में व्यक्ति को सीने में तेज दर्द, प्रेशर, कंधे में दर्द, गर्दन या फिर जबड़े तक फैलने वाला दर्द, सांस लेने में तकलीफ. ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं. उन लोगों में ये अक्सर देखा जाता है जो हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान की आदत से परेशान हो. या फिर किसी की फैमिली हिस्ट्री हो. उसे हार्ट अटैक खतरा अधिक रहता है.
पैनिक अटैक होगा तो आ जाएगा हार्ट अटैक
अब कुछ लोगों को जब पैनिक अटैक आता है तो उन्हें लगता है कि हार्ट अटैक आ ही जाएगा. इसपर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इसके चांस काफी कम है. दरअसल स्ट्रेस के दौपान हमारे शरीर कुछ हार्मोन बढ़ सकते हैं. यही रिस्क को बढ़ाते हैं. पर इससे हार्ट अटैक आएगा इसके चांस कम होगा. ये इसलिए बताया जा रहा है क्योंकि कुछ लोग पैनिक अटैक होने पर हार्ट अटैक की दवाएं शुरू कर देते हैं या फिर उसके बारे में सोचने लगते हैं जो सही नहीं है. हां अगर आपको बार-बार पैनिक अटैक आ रहे हैं तो डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए.
यह भी पढ़ें: FSSAI ने बताए मोटापे के लिए BMI कट-ऑफ, लोगों से की खास अपील
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

