Bukhar Mein Nahana Chahiye Ya Nahi: जब बुखार होता है तो कुछ लोग कमजोरी महसूस करते हैं. जिससे डेली लाइफ के कामकाज को करने में दिक्कत होने लगती है. आलस बढ़ जाता है. नतीजा लोग डेली के काम करने में आलस करने लगते हैं. इसी में आता है नहाने में. लोग सोचते हैं कि बुखार में नहाएंगे तो बुखार बढ़ जाएगा. इसी सवाल के साथ कंफ्यूजन में रहते हैं.
कारण साफ है कि नहाएंगे तो तबियत और बिगड़ जाएगी. लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि बॉडी को साफ रखना चाहिए उसके लिए नहाना बहुत जरूरी होता है. पर आखिर सही क्या है. क्या नहाएंगे तो बुखार हो जाएगा या फिर नहीं. हालांकि सही तरीका अगर जानना है तो उसके लिए जानना होगा कि बुखार की स्थिति और शरीर की प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है.
क्या बुखार में नहाना चाहिए या नहीं?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार जब बुखार हो तो कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए और नहा लेना चाहिए. पर अगर तेज बुखार हो, कंपकंपी छूटे, कमजोरी होने लगे तो ऐसे मामलों में खास ख्याल रखना चहिए. जैसे अगर बुखार है और हल्का बुखार है तो अगर शरीर में कमजोरी है तो गुनगुने पानी से नहाना सेफ हो सकता है.
ऐसा करने से आपकी बॉडी साफ रहती है, पसीने और चिपचिपाहट होती है वो दूर होती है. अगर कोई ऐसे नहा लेते है तो पानी का टेंप्रेचर सही होना चाहिए. बहुत ठंडे पानी से नहाने पर शरीर में कंपकंपी हो सकती है, जिससे असहजता बढ़ सकती है. वहीं बहुत गर्म पानी भी शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है.
कब नहाना टालना चाहिए
अब अगर किसी व्यक्ति को बुखार है और शरीर कांप रहा हो, तेज कमजोरी हो रही हो, चक्कर आ रहे हो या मरीज बिस्तर से न उठ पा रहा हो तो नहीं नहाना चाहिए. उसे टालना चाहिए. ऐसी स्थिति में शरीर को आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और डॉक्टर की सलाह की जरूरत होती है. तेज बुखार के दौरान शरीर का तापमान नियंत्रित करना जरूरी होता है. ऐसे समय में आराम करने और दवाओं को समय पर लेने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए.
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