Loneliness Heart Disease Risks: अगर हम कहें कि युवाओं में अकेलेपन की वजह से दिल की बीमारी बढ़ रही है, तो क्या आप यकीन करेंगे? लेकिन इस मामले को लेकर हाल ही में एक नयी स्टडी हुई है, स्टडी में खुलासा हुआ है कि जो लोग खुद को ज्यादा अकेला महसूस करते हैं, उनमें दिल के वाल्व की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है.
क्या होती है दिल के वाल्व की बीमारी? इस पर आगे बात करेंगे. दरअसल अकेलापन सिर्फ अकेले रहने में नहीं होता बल्कि आज के समय में भीड़ में रहकर भी कई लोग खुद को अकेला महसूस करते हैं. ऑफिस, घर हो या फिर बाहर लोग भीड़भाड़ वाली जगहों पर दोस्तों और लोगों के बीच रहकर भी अकेला महसूस करते हैं. जिसकी वजह से स्टडी में दिल के वाल्व की बीमारी के बारे में पता चला है. आखिर अकेलापन कैसे दिल की बीमारी को बुलावा दे रहा है. इसके बारे में Journal of the American Heart Association में छपा है.
अकेलेपन से हो रही दिल की बीमारी
अकेलेपन की वजह से युवाओं में दिल की वॉल्व बीमारी का खतरा बढ़ रहा है. बता दें कि दिल की वॉल्व बीमारी (Heart Valve Disease) एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल के चार वाल्वों में से एक या अधिक वाल्व ठीक से काम नहीं करते हैं, जिससे ब्लड का सर्कुलेशन इफेक्ट होता है. इसमें या तो वाल्व पूरी तरह नहीं खुलते (स्टेनोसिस) या ठीक से बंद नहीं होते (लीकेज), जिससे दिल को शरीर में ब्लड पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.
क्या कहती है स्टडी?
जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक युवाओं में अकेलापन से दिल के वाल्व बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. इस बीमारी में दिल से शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन सही ढंग से नहीं हो पाता जिसकी वजह से दिल पर एक्सट्रा भार लगता है, और दिल धीरे-धीरे कमजोरी होने लगता है. करीब 4.63 लाख लोगों पर रिसर्च की गई, जो UK Biobank से जुड़े थे. रिसर्च में शामिल किए गए लोगों का 14 साल का ट्रैक खंगाला गया जिससे पता चला कि जो लोग ज्यादा अकेलापन महसूस करते थे उनमें दिल की वाल्व बीमारी का खतरा लगभग 19 प्रतिशत से ज्यादा था. वहीं जिसमें Aortic valve stenosis का खतरा 21 प्रतिशत बढ़ा और Mitral valve regurgitation का खतरा 23 प्रतिशत तक दिखाई दिया.
इन आदतों से पहचानें युवा अकेलेपन का शिकार
कई बार युवाओं को पता नहीं चलता कि वह अकेलेपना का शिकार हो चुके हैं. लेकिन कुछ आदतों को पहचानकर आप पता लगा सकते हैं कि आप या फिर आपका साथी अकेलेपन के शिकार हो गए हैं. हमारे आस-पास अधिकतर युवा धूम्रपान करना, शराब पीना, एक्टिविटी न करना उनकी नींद में गड़बड़ होना जैसे लक्षणों को आप आसानी से देखकर पता लगा सकते हैं कि वह युवा अकेलपन की बीमारी से जूझ रहा है. वहीं स्टडी में यह बात भी निकलकर आई है जो लोग सिगरेट पीते हैं या शराब का सेवन करते है वह जाने-अनजाने में दिल की सेहत को कमजोर करते हैं.
अकेलापन सिर्फ इमोशनल समस्या नहीं
बता दें कि अेकालपन एक मेंटल बीमारी है. इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर व्यक्ति दिमागी रूप से स्वस्थ नहीं है तो वह अपने शरीर को भी नुकसान पहुंचा सकता है. स्टडी के रिसर्चर्स का कहना है कि अकेलापन सिर्फ इमोशन से जुड़ी समस्या नहीं होती बल्कि यह शरीर को भी इफेक्ट करती है. अकेलपन को कम करने के लिए समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

