Night Light Heart Disease: अक्सर लोग रात में लाइट जलाकर सोते है. क्योंकि लोगों को कमरे के अंधेर से डर लगता है. इसलिए वह कमरे की लाइट जलाकर सोते हैं. लेकिन सालों पहले हुई रिसर्च के अनुसार रात में लाइट के संपर्क में आने से दिल की सेहत को नुकसान पहुंचता है. साइंटिस्टों का कहना है कि हमारे नींद और दिमाग के पैटर्न पर रोशनी का असर पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारी और दिल की बीमारी होने का खतरा रहता है.
दरअसल रिसर्च टीम ने पाया कि जिन व्यक्तियों के दिमाग में स्ट्रेस से जुड़े हिस्सों की गतिविधि ज्यादा थी, वे लोग रात की रोशनी के संपर्क में थे. यानि जिन इलाकों में रात में उजाला अधिक था वहां दिल से जुड़ी बीमारियों के संकेत ज्यादा पाए गए. वैसे तो दिल की बीमारियों के बहुत से कारण होते हैं. जैसे- बदलती लाइफस्टाइल, नींद की कमी, तनाव, धूम्रपान जैसे कारण दिल की बीमारियों के बड़े कारण होते हैं. लेकिन ये शौध बताता हैं कि नींद के माहौल में रोशनी भी एक छिपी हुई वजह हो सकती है.
सर्केडियक रिदम को परेशान करती
ये रिसर्च साल 2025 में की गई थी जिसमें साइंटिस्टों की टीम ने दो तरह से एक्सपेरिमेंट किया, पहला ब्रेन इमेंजिंग यानि दिमाग की स्कैंनिंग दूसरा सैटेलाइट डाटा. यानि किन इलाके में रात के समय कितनी रोशनी रहती है? इन दोनों के जरिए ये पता लगाया गया कि जिन लोगों के आस-पास रात में ज्यादा रोशनी रहती है. उनके दिल पर भार बढ़ता है, हार्ट डिजीज का खतरा भी रहता है.
साइंटिस्टों का कहना है कि हमारे शरीर में एक सर्केजियन रिद्म होती है जो रात की रोशनी के संपर्क में आने से प्रभावित हो जाती है. जैसे, रात की रोशनी यानि कमरे की या फिर स्ट्रीट लाइट या आस-पास की लाइटें. ये सभी हमारे दिमाग पर गहरा असर डालता है. दिमाग को लगता है कि अभी रात नहीं हुई और नींद के स्पील पैटर्न पर असर डालती है. जिससे हार्मोन डिस्बैलेंस हो जाते हैं. ऐसे में ये रोशनी दिल और दिमाग पर गहरा प्रभाव डालती है.
इन बातों का रखें ध्यान
दिल और दिमाग की सेहत के लिए आपको शाम होते है घरों की लाइट का डिम कर देना चाहिए. जिससे उसकी तेज रोशनी आपके दिल को बीमार न करें. घरों में पर्दे लगाकर बाहर से आने वाली रोशनी को कम कर दें. साथ ही घर के अंदर के आसपास की चीजों से आने वाली रोशनी को भी डिम कर दें. कुल मिलाकर आपको अपने आस-पास की रोशनी कम करनी चाहिए, जिससे वह आपके सर्केडियम रिदम को हानि न पहुंचाए.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प बिल्कुल भी न मानें. अगर आप किसी समस्या से जूझ रहें हैं तो किसी एक्सपर्ट्स या डॉक्टर से सलाह जरूर लें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


