Gut Health Tips: 21 वीं सदी में समय से भी तेज चल रहे लोगों के बीच बीमारियों, स्ट्रेस, अनहेल्दी लाइफस्टाइल ने ऐसी जगह बनाई है जिसकी वजह से उनकी उम्र घट रही है. कम उम्र में वह बीमारियों के ऐसे शिकार हो रहे हैं कि हेल्दी लाइफ जीने का मतलब क्या होता है वह भूल चुके हैं.
लंबे-लंबे समय तक काम करना, घंटों-घंटों डेस्क पर बैठे रहना, लंबे स्क्रिन टाइम के साथ-साथ सुबह का नाश्ता स्किप करना ये सभी आदते लोगों को बीमार कर रही हैं. सुबह का नाश्ता स्किप हो जाता है तो दोपहर का खाना ऑफिस में काम के बीच स्किप हो जाता है, रात में थकान के कारण बाहर से खाना ऑर्डर किया जाता है. ये आपाधापी भरा जीवन ऐसे ही चलता रहता है. लेकिन एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि
क्या कहती स्टडी
साल 2025 में व्यस्त लोगों पर स्टडी की गई, जिसमें यह बात सामने निकलकर आई कि 39 प्रतिशत लोग कम फाइबर वाला आहार लेते हैं. वहीं 36 प्रतिशत से ज्यादा लोग अधिक चीनी वाला खाना खाते हैं. और 28 प्रतिशत से ज्यादा लोग नियमित रूप से सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन करते हैं. जिसके वजह से उनमें लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां देखी जाती है.
बिजी लाइफ होने के चलते रोज बाहर का खाना खाना एक दिन का काम नहीं बल्कि रोजमर्रा का हिस्सा बन चुकीहै. स्टडी कहती है कि इस तरह का खाना आंतों के लिए नुकसानदायक होता है. बाहर का खाना आंतों में मौजूद सूक्ष्मजीवों की विविधता को कम करता है, जिससे शरीर में सूजन बढ़ती है, इम्यून सिस्टम अधिक संवेदनशील हो जाता है और मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है.
स्टडी में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि आंतों के खराब होने के कारण दिल संबंधी बीमारियों के होने का खतरा भी रहता है. आर्टरीज में प्लाक जमने लगता है. जिससे हार्ट स्ट्रोक और हार्ट संबंधी बीमारी होने का खतरा रहता है. वहीं अनहेल्दी फैट से मेटाबॉलिज्म भी खराब हो जाता है.
हर साल छिन रहे आपके 11 दिन
अनहेल्दी फूड्स का असर सिर्फ आंतों पेट या फिर शारीरिक बीमारी से नहीं जुड़ा होता. बल्कि ये फूड्स नींद और मानसिक स्थिति को भी खराब करते हैं. भारत के वर्कप्लेस वेलबीइंग रिपोर्ट 2025 के अनुसार, खराब नींद के कारण हर कर्मचारी औसतन 11.3 कार्यदिवस प्रति वर्ष खो देता है. आंतों की सेहत को सुधारना मुश्किल नहीं है, बल्कि आपको अपने जीवन में कुछ हेल्दी लाइफस्टाइल अपनानी होगी.
आंतों की सेहत के लिए फॉलो करें ये टिप्स
- दिन में कम से कम एक बार बिना किसी स्क्रीन के शांति से भोजन करना
- आहार में दाल, फल और मेवों जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करना
- मीठे पेय पदार्थों को कम करना
- रात के भोजन और सोने के बीच कम से कम दो घंटे का अंतर रखना
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


