Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: नमस्कार फिट रहे इंडिया की लेटेस्ट अपडेट में आपका स्वागत है. इस विटामिन की कमी से आते हैं बुरे सपने इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के पहले सेगमेंट में. आम खाने से होगा पेट खराब इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में. बाल डाई करने से हो जाएगा लिवर खराब इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के तीसरे और आखिरी सेगमेंट में.
यहां देखें पूरा VIDEO:
पहले सेगमेंट में जानेंगे किस विटामिन की कमी से आते बुरे सपने
हमारे शरीर में विटामिन B-12 की कमी से बुरे सपने आ सकते हैं. दरअसल ये एक ऐसा विटामिन है जो हमारे नर्व और दिमाग के लिए काफी जरूरी होता है. अब जब इसमें कमी आ जाती है तो हमारा दिमाग बुनियादी कार्य जैसे काम करने में समस्या पैदा कर देता है. उन कामों को बैलंस करने में दिक्कत होती है. नतीजा हमारी स्पील साइकल बिगड़ जाती है और ऐसी प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है.
दूसरे सेगमेंट में जानेंगे आम खाने से पेट होगा खराब
गर्मियों के मौसम में हमें अपनी हेल्थ का अधिक ख्याल रखना पड़ता है. हाई़ड्रेट से लेकर कई चीजों का ख्याल रखना पड़ता है. कुछ लोग आपको सजेशन देंगे कि फ्रूट्स खाएं जिसके जरिए आप खुद को हेल्दी रख सकते हैं. इसपर सोशल मीडिया पर डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंके ने एक जानकारी दी और वीडियो में बताया कि अगर आप गर्मियों में गलत फलों का सेवन कर लें तो तबियत खराब हो सकती है.
वहीं वीडियो में शालिनी सिंह ने बताया कि चीकू, अनानास, कटहल और आम से दूरी बना लेनी चाहिए. क्योंकि गर्मियों के समय ऐसे फलों से दूरी बना लेनी चाहिए. इसका कारम है इनमें मौजूद शुगर की मात्रा. शुगर की मात्रा अधिक होती है. जिसके कारण पेट ब्लोट तरता है और पेट खराब होने की समस्या सामने आ सकती है. न सिर्फ ब्लोटिंग बल्कि इनके अलावा भी कई समस्या आपको हो सकती है.
तीसरे सेगमेंट में जानेंगे डाई लगाने से हो जाएगा लिवर खराब?
अगर आप भी अपने बालों में डाई लगवाते हैं, तो ये जानकारी आपके काम आ सकती है. दरअसल कुछ ऐसे मामले सामने आए जिसमें डाई लगवाने से लिवर डैमेज की शिकायतें सामने आ चुकी हैं. इसके पीछे का कारण है. इसमें मौजूद पैरा फिनाइलिन डायमिन कैमिकल. ये कुछ ऐसे कैमिकल हैं जिनमें इंडियोसिंक्रेटिक होते हैं. साफ तौर पर कहे कि हर व्यक्ति अलग तरह से बिना किसी तय पैटर्न के नुकसान पहुंच सकता है. हर व्यक्ति कि ये डोज पर निर्भर करता है. यानी ये डोज पर निर्भर नहीं होते, बल्कि शरीर की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया पर आधारित होते हैं.
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