What is Type 5 Diabetes: आपने डायबिटीज सुना होगा टाइप-2 डायबिटीज सुना होगा. लेकिन क्या आपने टाइप-5 डायबिटीज के बारे में सुना है? जी हां अब तक डायबिटीज को लेकर ऐसी जानकारी थी कि लोग इसका शिकार जेनेटिकली या फिर गलत खानपान के कारण होते हैं. लेकिन अब नई जानकारी सामने आई जिसमें खुलासा हुआ कि कुपोषण से भी डायबिटीज का खतरा हो सकता है.
कुपोषण यानी मालन्यूट्रिशन डायबिटीज का एक बड़ा कारण बन सकता है. इसे ही टाइप-5 डायबिटीज नाम दिया गया है. ऐसे में क्या है ये और क्यों होती है. इसके बारे में डिटेल से जानते हैं. इसे एक नई कैटेगरी में रखा गया है.
क्या है टाइप-5 डायबिटीज
जानकारी के अनुसार टाइप-5 डायबिटीज एक नई कैटेगरी है. खासतौर पर ये उन लोगों में देखी जाती है. जिनका वजन काफी कम होता है. साथ ही जो लोग कुपोषण का शिकार रहे हों. इस कारण से इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन ने इसे टाइप-5 डायबिटीज नाम दिया है.
कैसे करें इसकी पहचान?
टाइप-5 डायबिटीज की पहचान की अगर बात की जाए तो फेडरेशन ने जानकारी दी और बताया कि इसमें शरीर इंसुलिन सही मात्रा में नहीं बना पाता. ये तब होता है जब डाइट और खानपान सही न हो और पोषण की कमी हो. इस कारण इंसुलिन का इस्तेमाल सही नहीं हो पाता. जिसके कारण ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है और डायबिटीज का कारण बन जाता है.
कुपोषण का क्या है कनेक्शन?
वहीं ये सवाल भी सामने आता है कि आखिर कुपोषण का डायबिटीज से क्या कनेक्शन है? तो जो लोग बचपन से कुपोषण का शिकार है. उनमें इंसुलिन सही से यूज नहीं हो पाता. जिसके कारण ऐसे लोगों में डायबिटीज का रिस्क बढ़ जाता है. वजन कम होना, कुपोषण के कारण शुगर लेवल हाई होता है. यही कारण है टाइप-5 डायबिटीज 1 और 2 से काफी अलग है. जो लोगों का वजन कम होता है और डाइट सही नहीं होती उनमें अधिक रिस्क होता है.
इन लोगों को अधिक खतरा
अब जान लेते हैं कि आखिर किन लोगों को इसका खतरा अधिक रहता है. तो इसमें जिन लोगों को बचपन में खाना सही न मिला हो, वजन में कमी हो, डाइट में प्रोटीन या फिर विटामिन सोर्स की कमी हो, लंबे समय से कुपोषण का शिकार हो उन्हें टाइप-5 डायबिटीज का खतरा रह सकता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


