HPV Vaccination: भारत सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए एक मजबूत कदम उठाया है। सरकार ने देश भर में 14 साल की बच्चियों के लिए HPV टीकाकरण अभियान शुरु किया है। यह टीकाकरण बच्चियों को सर्वाईकल कैंसर से बचाएगा। हालांकि बच्चियों को पहले माता-पिता की सहमति लेना जरुरी है।
टीकाकरण लगवाने कहां जाना होगा
HPV टीकाकरण सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध कराई जा रही है। इनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर के अंदर आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), उप-जिला अस्पताल (SDH), जिला अस्पताल (DH) और सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) शामिल हैं। विशेष डॉक्टरों की निगरानी में यह टीकारण किया जाएगा। अगर बच्चियों को टीकाकरण के बाद किसी प्रकार की समस्या होती है, तो उसका उपचार भी तुरंत जा जाएगा।
कब शुरु हुआ यह अभियान
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार यह अभियान 28 फरवरी 2026 से पूरे देश में शुरू हो चुका है। वहीं अभियान शुरू करने से पहले देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल कर्मचारियों को विशेष रुप से प्रशिक्षण भी दिया गया है। जिसके बाद ही राष्ट्रव्यापी अभियान शुरु किया गया।
क्यों जरूरी है HPV टीकाकरण?
भारत में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। ग्लोबोकैन 2022 के अनुसार, हर साल एक लाख 20 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आते हैं। और समय पर दवाई न मिलना और कम जागरुकता के कारण हर साल 80 हजार महिलाओं की मृत्यु हो जाती है। इसिलिए महिलाओं को इस बीमारी से बचाने के लिए सरकार ने यह अभियान शुरू किया है।
साइंटिस्ट शोध बताते हैं कि सर्वाइकल कैंसर के लगभग सभी मामले हाई-रिस्क HPV संक्रमण, खासकर टाइप 16 और 18, के कारण होते हैं। इन दोनों कारणों से भारत में 80% से ज्यादा मामले देखें जाते हैं। अच्छी बात यह है कि इस कैंसर को टीकाकरण और समय पर जांच से आसानी से रोका जा सकता है।
कार्यक्रम की खासियत
-टीका पूरी तरह निःशुल्क सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध होगा।
-टीकाकरण आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला व जिला अस्पताल तथा सरकारी मेडिकल कॉलेजों में किया जाएगा।
-टीकाकरण स्वैच्छिक होगा और अभिभावकों की सहमति के बाद ही दिया जाएगा।
-भारत के इस कार्यक्रम में क्वाड्रिवैलेंट HPV वैक्सीन – Gardasil का उपयोग किया जाएगा।
-यह वैक्सीन दुनिया की सबसे ज्यादा शोधित और सुरक्षित वैक्सीनों में से एक है. 2006 से अब तक विश्वभर में 50 करोड़ से ज्यादा डोज दी जा चुकी हैं और यह लगभग 100% प्रभावी पाई गई है उन HPV प्रकारों के विरुद्ध जिन्हें यह कवर करती है।


