क्या आप भी दिनभर Earphones, Earbuds या Headphones का इस्तेमाल करते हैं? अगर हां, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। आजकल मोबाइल, लैपटॉप और ऑनलाइन कंटेंट के दौर में हममें से ज्यादातर लोग घंटों तक ईयरफोन या हेडफोन लगाए रहते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह आदत धीरे-धीरे हमारे कानों को कितना नुकसान पहुंचा सकती है?
हाल ही में World Health Organization (WHO) ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार अगर लोगों ने अपनी सुनने की आदतों में बदलाव नहीं किया, तो साल 2050 तक दुनिया का हर चौथा व्यक्ति Hearing Loss यानी सुनने की समस्या से प्रभावित हो सकता है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में यह एक बड़ी वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बन सकती है।
अब सवाल यह है कि आखिर Earphones और Headphones से Hearing Loss कैसे होता है?
जब हम लंबे समय तक तेज आवाज में गाने या वीडियो सुनते हैं, तो हमारे कानों के अंदर मौजूद नाजुक Hair Cells यानी सूक्ष्म कोशिकाएं प्रभावित होने लगती हैं। ये कोशिकाएं ध्वनि को पहचानने और उसे दिमाग तक पहुंचाने का काम करती हैं। लेकिन लगातार तेज आवाज के संपर्क में रहने से ये कोशिकाएं धीरे-धीरे कमजोर हो जाती हैं और कई बार स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त भी हो सकती हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि एक बार ये कोशिकाएं खराब हो जाएं तो दोबारा ठीक नहीं होतीं।
विशेषज्ञों के अनुसार अगर आप 85 डेसिबल से ज्यादा आवाज में लंबे समय तक संगीत सुनते हैं, तो यह आपके कानों के लिए खतरनाक हो सकता है। कई लोग नॉइज़ कैंसिलेशन के लिए या बाहरी शोर से बचने के लिए वॉल्यूम और ज्यादा बढ़ा देते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
अब बात करते हैं कि कानों को नुकसान से कैसे बचाया जाए।
सबसे पहला नियम है 60/60 Rule। इसका मतलब है कि आप अधिकतम 60% वॉल्यूम पर ही संगीत सुनें और लगातार 60 मिनट से ज्यादा ईयरफोन का इस्तेमाल न करें। इसके बाद अपने कानों को थोड़ा आराम जरूर दें।
दूसरी महत्वपूर्ण आदत है Noise-Cancelling या अच्छी क्वालिटी के हेडफोन का इस्तेमाल करना। इससे आपको बाहरी शोर कम सुनाई देगा और वॉल्यूम बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
तीसरी बात, कोशिश करें कि पूरे दिन लगातार Earphones का इस्तेमाल न करें। अगर आप ऑनलाइन मीटिंग या पढ़ाई के लिए हेडफोन इस्तेमाल करते हैं, तो बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें।
चौथी जरूरी आदत है कानों की साफ-सफाई और नियमित जांच। अगर आपको कानों में घंटी बजने की आवाज, सुनने में कमी, या दर्द जैसी समस्या महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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WHO की चेतावनी कितनी गंभीर है?
असल में आज की युवा पीढ़ी में तेज आवाज में संगीत सुनने की आदत तेजी से बढ़ रही है। WHO के अनुसार दुनिया भर में 1 अरब से ज्यादा युवा असुरक्षित तरीके से ऑडियो सुनने की आदतों के कारण Hearing Loss के खतरे में हैं। इसलिए यह चेतावनी सिर्फ एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संदेश है।
आखिर में याद रखें, कान हमारी सबसे कीमती इंद्रियों में से एक हैं। थोड़ी-सी सावधानी और सही आदतें अपनाकर हम अपने Ear Health को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।
अगर आप भी नियमित रूप से Earphones या Headphones का इस्तेमाल करते हैं, तो आज से ही अपनी सुनने की आदतों में बदलाव लाएं। सुरक्षित वॉल्यूम रखें, बीच-बीच में ब्रेक लें और अपने कानों की सेहत का ध्यान रखें।
क्योंकि अच्छी सुनने की क्षमता ही हमें दुनिया की हर आवाज़ से जोड़कर रखती है।
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


