Anemia Symptoms in Children: कई बच्चे कम खाते हैं, अक्सर ऐसा तब होता है जब बच्चे अक्सर खेल कूद में मग्न हो या फिर पढ़ाई में. जब बिजी हो तो ऐसा चलता है. लेकिन बावजूद बिजी होने के इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, यानी बच्चे को कम भूख लग रही है और जल्दी थक भी जाते हैं. इस कारण पढ़ाई में मन न लगना या फिर कई चीजों में पीछे रहना. इस तरह की समस्या अगर हो रही है तो उसे हल्के में न लें.
कई एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है कि ये एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं. यानी ये खून की कमी की ओर इशारा करता है. जब कोई बच्चा एनीमिया का शिकार होता है, तो उसकी फिजीकल ग्रोथ और मेंटल ग्रोथ भी रुकती है. इसपर काफी अफेक्ट पड़ता है. हालांकि अगर आपको समय रहते इसका पता चल गया तो आप इसे कंट्रोल कर सकते हैं. लेकिन समय रहते पता नहीं चल पाया तो ये काफी गंभीर रूप भी ले सकता है.
अगर बच्चा ऐसा करे तो क्या किया जाए
अब अगर बच्चे को खाने में रूची नहीं हो रही, तो एक्सपर्ट्स का कहना है कि आप खाने में नई वैराइटी लेकर के आएं. अगर बच्चा लगातार थका हुआ महसूस कर रहा है या फिर उसे थकान महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से जरूर जांच करवाएं. डॉक्टर से सलाह लेने के बाद बच्चे का ब्लड टेस्ट करवाएं. अगर डॉक्टर आयरन की दवा लेने का सुझाव दें तो आप दवाएं भी ले सकते हैं.
गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता एनीमिया
क्या आप जानते हैं कि अगर समय रहते इसकी जांच न करवाई जाए और दवा न ली जाए तो ये बच्चों के स्वास्थ्य को काफी प्रभावित कर सकता है. नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार ये बच्चों की हेल्थ पर काफी असर डालता है. हालांकि अगर बच्चों पर सही समय पर ध्यान दिया जाए और पौष्टिक आहार दिया जाए तो इसे समय रहते रोका जा सकता है. जानकारी के लिए बता दें कि एनीमिया तब होता है जब शरीर में आयरन की कमी होती है. जब बच्चे के ब्लड वेसेल्स पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाते. इसके कारण कमजोरी, थकान, भूख न लगना इस तरह के लक्षण दिखते हैं. आप समय रहते इसका इलाज करवाइए जो बेहद जरूरी भी होता है. नहीं तो आगे चलकर इसका बुरा असर बच्चे की पढ़ाई पर भी पढ़ सकता है.
क्या है इसके लक्षण?
बच्चों में एनीमिया के लक्षणों की अगर बात की जाए तो अधिक थकान महसूस होना, कम भूख लगना, पीला चेहरा और कमजोरी, फोकस में कमी होना और बार-बार बीमार पढ़ना. इस तरह के लक्षण अगर दिखाई दें तो आपको सतर्क होने की जरूरत है. आप इससे बचाव के लिए बच्चे को हरी और पत्तेदार सब्जियां खिलाएं जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग जैसी चीजें बच्चे को रोज खिलाएं. क्योंकि इनमें आयरन की मात्रा काफी अच्छी होती है.
आप मूंग, चना, राजमा, दलहन या फिर अंकुरित अनाज और प्रोटीन से भरपूर जो चीजें हो उनका भी सेवन करवा सकते हैं. साथ ही विटामिन सी आयरन के अवशोषण में मदद करता है. मिल्क प्रोडक्ट (Milk Product) दूध, दही और पनीर बच्चे के आहार में शामिल करें. अन्य स्रोत जैसे गुड़ आदि भी एनीमिया से बचाव में सहायक हैं.
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