GLP Drug 1: भारत में वजन घटाने वाली दवाएं तेजी से लोगों के बीच लोकप्रीय हो रही हैं. जिसे लेकर सरकार ने अब सख्ती बरतना शुरू कर दिया है. हाल ही में CDSCO यानी सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन और ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया यानी DGCI की ओर से GLP-1 आधारित दवाओं के गलत इस्तेमाल और बिना प्रसिक्रिप्शन दवाओं की बिक्री पर निगरानी बरतने का आदेश दिया.
दरअसल GLP 1 ड्रग प्रिस्क्रिप्शन मेडिकेशन है. यानी बिना डॉक्टर की सलाह के इसे लेना खतरे को बढ़ा सकता है. ये दवाएं टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे को कम करने के लिए प्रिस्क्रिप्शन मेडिकेशन है. इस कारण सरकार की ओर से इसपर सख्ती बरती जा रही है. बाजार में बिना प्रिस्क्रिप्शन के इन दवाओं को बेचा जा रहा है.
यह भी पढ़ें: बिना प्रिस्क्रिप्शन दवा बेची तो होगी कार्रवाई, फैट लॉस इंजेक्शन पर सरकार का सख्त एक्शन
क्या है GLP ड्रग?
GLP-1 दवाएं (Glucagon-like Peptide-1 receptor agonists) ऐसी दवाएं हैं जो टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे (obesity) के इलाज में इस्तेमाल की जाती हैं. ये दवाएं शरीर में हार्मोन का संतुलन सुधारने का काम करती हैं. आसान भाषा में समझें तो ये दवाएं इंसुलिन बढ़ाने और ग्लूकागॉन (जो ब्लड शुगर बढ़ाता है) को कम करने में मदद करती हैं, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है. ये दवाएं सिर्फ शुगर ही नहीं संभालतीं, बल्कि भूख को भी कंट्रोल करती हैं. ये पेट से खाना बाहर जाने की प्रक्रिया (gastric emptying) को धीमा कर देती हैं, जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है. इसका असर यह होता है कि भूख कम लगती है और वजन घटाने में मदद मिलती है.
यह भी पढ़ें: सस्ते हो सकते हैं वज़न घटाने वाले इंजेक्शन, लेकिन सरकार ने क्यों जारी किया अलर्ट?
शरीर में कैसे काम करती है ये दवा?
जान लेते हैं कि आखिर ये दवाएं शरीर में कैसे काम करती हैं? तो जब हम खाना खाते हैं, तो पचकर शुगर यानी ग्लोकोज में बदल जाता है. साथ ही खून तक पहुंचा है. इस समय GLP-1 हार्मोन एक्टिव होता है, जो पैनक्रियास (अग्न्याशय) को इंसुलिन बनाने के लिए प्रेरित करता है. इंसुलिन इस ग्लूकोज को खून से निकालकर शरीर की कोशिकाओं में पहुंचाता है, जहां से हमें ऊर्जा मिलती है. साथ ही, ये हार्मोन ग्लूकागॉन को भी कम करता है, जिससे लिवर (जिगर) ज्यादा शुगर खून में नहीं छोड़ता. इन दोनों प्रक्रियाओं की वजह से ब्लड शुगर का स्तर सामान्य बना रहता है.
क्या है इस दवा के साइड इफेक्ट्स?
सरकार लगातार इस दवा के साइड इफेक्ट्स का खुलासा कर रही है. वहीं साथ ही बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री पर भी रोक लगा रही है. मार्केट में दवा के कई वर्जन मौजूद है. वहीं सरकार का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का सेवन हेल्थ कॉम्प्लीकेशन्स को बढ़ा सकता है. इसके साइड इफेक्ट्स की अगर बात की जाए तो गंभीर मामलों में मतली, चक्कर आना पैनक्रिएटाटिस और मेडुलरी थायराइड कैंसर जैसी गंभीर स्थितियां शामिल हैं.

लंबे समय तक खाने को बनाए रखती हैं ये दवाएं
वहीं GLP-1 दवाएं इसी हार्मोन की तरह काम करती हैं, बल्कि उसका असर और लंबे समय तक बनाए रखती हैं. ये शरीर में इंसुलिन बढ़ाती हैं, ग्लूकागॉन को कम करती हैं और इस तरह ब्लड शुगर को कंट्रोल करती हैं. इसके अलावा, ये दवाएं खाने को लंबे समय तक पेट में बनाए रखती हैं, जिससे पेट भरा-भरा लगता है, भूख कम लगती है और धीरे-धीरे वजन कम होने लगता है. यही कारण है कि इनका इस्तेमाल मोटापे के इलाज में भी किया जाता है.
यह भी पढ़ें: दवा खाएंगे वजन घटाएंगे! ऐसा सोचने वाले पहले जान लें साइड इफेक्ट्स; एक्सपर्ट्स दे रहे चेतावनी
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


