Summer Health Tips For Elderly: गर्मी के मौसम में बच्चों से लेकर बड़ों तक, सबके पसीने छूट जाते हैं. वहीं बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है. क्योंकि इस अवस्था में उनका शरीर तापमान कंट्रोल करने की क्षमता खो देता है. वे कम पसीना बहाते हैं, जिससे शरीर ठंडा नहीं हो पाता. इसके अलावा बढ़ती उम्र की बीमारियों और दवाओं के प्रभाव, प्यास कम लगना, और शारीरिक गतिशीलता में कमी के कारण उन्हें हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा रहता है. इसलिए इस समय बड़े बुजुर्गों का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है.
गर्मी के दिनों में बुजुर्गों को डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), थकान, चक्कर आना, भूख कम लगना, कब्ज और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याएं अधिक होती हैं. तेज धूप और लू के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे लिवर और किडनी पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि उनके भोजन को हल्का, सुपाच्य और ठंडक देने वाला बनाया जाए.
इसलिए गर्मी के मौसम में उनकी डाइट में पानी वाले फल (तरबूज, खरबूजा, खीरा), दही-छाछ, जौ-चने का सत्तू और कम तेल-मसाले वाला खाना शामिल करें. हाइड्रेशन के लिए नारियल पानी, नींबू पानी और ओआरएस (ORS) दें. भारी भोजन के बजाय हल्का और पचाने में आसान खाना (मूंग दाल, पतली खिचड़ी) दिन में कई बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दें.
गर्मी में ऐसी हो बुजुर्गों की डाइट
गर्म मसालों का न करें इस्तेमाल: जब भी गर्मी में बुजुर्गों के लिए कोई खाना बनाएं उनके लिए गर्म मसालों का प्रयोग बिल्कुल भी न करें. गर्म मसाले जैसे लौंग, जायफल, जावित्री या फिर लहसुन आदि का प्रयोग बिल्कुल भी न करें. गर्म मसालों के सेवन से बुजुर्गों के शरीर में एसिडिटी, पेट में जलन जैसी समस्या हो सकती है. इसलिए इन मसालों की जगह जीरा, सौंफ या छोटी इलायची जैसे ठंडे तासीर वाले मसालों का प्रयोग करना सही रहेगा.
चने-जौ का सत्तू दें: गर्मी के दिनों में बुजुर्गों की डाइट में जितना हो सके उतना पानी शामिल करें. तरबूज, तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों का सेवन करना चाहिए. ये पानी वाले फल उनके शरीर को ठंडा रखेंगे. इनके अलावा आप सुबह-सुबह उन्हें चने, जौ का सत्तू दे सकते हैं. चने, जौ का सत्तू प्रोटीन, फाइबर और खनिजों से भरपूर एक सुपरफूड है, जो पेट को ठंडक प्रदान करता है, पाचन में सुधार करता है, और इंस्टेंट एनर्जी देता है. इसलिए फलों के अलावा आप सत्तू को भी उनकी डाइट में शामिल कर सकते हैं.
इस बात का रखें खास ख्यास
बुजुर्गों को जितना हो सके घर में रखें, उन्हें बाहर न निकालें. गर्मी के दिनों में सुबह-सुबह ही सूरज निकल आता है जिससे चारों तरफ गर्म वातावरण हो जाता है. ये गर्म वातावरण बुजुर्गों के शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है. इसिलए जितना हो सकें उन्हें घर में रखें. वहीं गर्मी के दिनों में 12 से तीन चार बजे तक लू चलती है इसिलए हो सके तो इस समय तो उन्हें बिल्कुल घर से बाहर न निकलने दें.
हल्के और सूती कपड़े पहनने को दें. ऐसे कपड़े जो शरीर में ढीले हो, जिससे उनके शरीर में हवा लगती रहे और ठंडक महसूस हो. समय-समय पर पानी पीने को दें.
दिनभर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीने को दें. नारियल पानी, नींबू पानी, बेल का शरबत, आम पन्ना और छाछ जैसे ड्रिंक्स पीने को दें. लेकिन ध्यान रखें कि खाली पेट ज्यादा ठंडा पानी देने से बचें, इससे गले में खराश हो सकती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


