BA.3.2 Dangerous For Children: अमेरिका से आया कोरोना का नया वेरिएंट सिकाडा लोगों को डरा रहा है. लोगों में इसके मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हालांकि अब नई जानकारी सामने आई. जिसमें खुलासा हुआ कि इस नए वेरिएंट के मामले बच्चों में ज्यादा पाए जा रहे हैं. इस जानकारी के सामने आते ही एक्सपर्ट्स के बीच काफी चिंता बढ़ चुकी है. बताया गया कि वेरिएंट खासतौर पर बच्चों को प्रभावित कर रहा है.
हालांकि इसके लक्षण पहले जैसे ही बताए गए हैं. कोरोना के इस नए वेरिएंट को सिकाडा और BA.3.2 के नाम से जाना जाता है. कई राज्यों में अब तक इसे ट्रैक किया जा चुका है. वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका के 25 राज्य और 23 देशों में ये कोरोनावायरस फैल चुका है. हालांकि अच्छी बात ये भी है कि अस्पताल में भर्ती होने के मामले काफी कम है.
पुराने वेरिएंट से क्या कनेक्शन?
इस नए वेरिएंट को लेकर साइंटिस्ट का ऐसा मानना है कि इसका कनेक्शन पुराने वायरस से है. साल 2022 में ओमिक्रॉन का BA.3 सब वेरिएंट सामने आया था. वहीं अब ये वेरिएंट सामने आया. माना जा रहा है कि ये वेरिएंट जिन व्यक्तियों की इम्यूनिटी लंबे समय से कमजोर है उनके शरीर में मौजूद रहा और धीरे-धीरे म्यूटेट हुआ और अब जाकर सामने आ रहा है.
जानकारी के अनुसार इस नए वेरिएंट पर फिलाहल नजर रखी जा रही है. यानी इसे हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन्स की ओर से मॉनिटरिंग कैटेगरी में डाला गया है. अब तक इसे ज्यादा खतरनाक वाली श्रेणी में नहीं गिना जा रहा है. लेकिन सबसे अधिक चौंकाने वाली बात ये है कि BA.3,2 बच्चों पर अधिक इफेक्ट डाल रहा है. यानी उनपर इसका असर अधिक दिखाई दे रहा है. दरअसल न्यूयॉर्क के एक डेटा में इसका जिक्र किया गया है. जहां 3 से 15 साल के बच्चे इस वेरिएंट से लगातार पांच गुना अफेक्ट पड़ रहा है. हालांकि, कुल मामलों में इसकी हिस्सेदारी अभी भी सीमित है.
नए वेरिएंट के क्या है लक्षण?
अब अगर इस नए वेरिएंट के लक्षणों की अगर बात की जाए तो इसमें कोई नया बदलाव नहीं देखा गया है. यानी जो लक्षण पहले थे वही अब भी है. बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक का बहना, थकान अधिक होना, सांस लेने में दिक्कत होना. इस तरह के लक्षण पहले भी और अब भी दिखाई दे रहे है. कुछ मामलों में टेस्ट में चेंज या फिर स्मेल न कर पाना भी शामिल है. हालांकि कई एक्सपर्ट्स का ऐसा कहना है कि पुरानी वैक्सीन पूरी तरह असरदार साबित नहीं हो सकती. लेकिन यह गंभीर बीमारी से बचाने में अब भी मदद करती है. इसके अलावा, मौजूदा एंटीवायरल दवाएं भी प्रभावी मानी जा रही है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


