Anxiety Stress Medicines: मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फिट रहे इंडिया की टीम ने Dr. Rajiv Mehta से खास बातचीत की है. जिसमें डॉक्टर ने डिप्रेशन और एंग्जायटी से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब दिए. उन्होंने बताया कि Depression और Anxiety आज के समय में आम लेकिन गंभीर समस्याएं हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
डॉक्टर ने बाताय कि ये बात समझनी जरूरी है कि मूड ऑफ होने और डिप्रेशन में अच्छा-खासा फर्क होता है. कई लोग मूड ऑफ होने को डिप्रेशन समझ लेते हैं, तो वहीं कई लोग डिप्रेशन को समझ ही नहीं पाते कि यह किस तरह से शरीर को नुकसान पहुंचाता है. यदि उदासी, थकान, नींद में बदलाव, भूख कम होना या निराशा जैसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो यह डिप्रेशन का संकेत हो सकता है. ऐसे मामलों में समय रहते बीमारी के लक्षणों की पहचान करके डॉक्टर से सलाह लेनी जरूरी होती है. डॉक्टर ने कहा कि दिमाग के डॉक्टर यानी कि साइकियाट्रिस्ट से मिलने में किसी प्राकर की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए. व्यक्ति के लिए मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य. डिप्रेशन और मूड ऑफ में अंतर समझने के लिए देखें पूरा पोडकास्ड.
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