Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: नमस्कार फिट रहे इंडिया में आपका स्वागत है. कैसे जो लोग पढ़े लिखे नहीं उन्हें आंतों का कैंसर का खतरा हो रहा है. इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के पहले सेगमेंट में. क्या है टाइप-5 डायबिटीज कुपोषण के शिकार लोगों को अधिक खतरा इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में. बहरेपन का हो सकता इलाज इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के तीसरे और आखिरी सेगमेंट में.
यहां देखें VIDEO:
पहले सेगमेंट में जानेंगे कोलन कैंसर के खतरे के बारे में
कम उम्र में ही लोग कैंसर की चपेट में जाते जा रहे हैं. सबसे बड़ा कारण है खराब लाइफस्टाइल. कैंसर से कम उम्र वाले लोगों की मौत भी काफी अधिक बढ़ रही है. अब इसपर एक रिरसर्च हुई और जानकारी सामने आई कि आंत के कैंसर का सीधा कनेक्शन आपकी पढ़ाई से है. जामा ऑनकोलॉजी में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के रिसर्चर्स ने रिसर्च की. जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए है. रिपोर्ट के अनुसार युवाओं की मौत कोलन कैंसर यानी आंत के कैंसर से हो रही है. इसमें भी चौंकाने वाली बात है कि मौतों के आकड़ों में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है. खुलासा हुआ कि कम पढ़े-लिखे लोगों में मौत का रेट 4 से बढ़कर 5.2 प्रति 1 लाख हो गया वहीं ग्रेजुएट लोगों में यह रेट लगभग 2.7 पर ही स्थिर रहा.
दूसरे सेगमेंट में जानेंगे क्या है टाइप-5 डायबिटीज
टाइप-1 और 2 डायबिटीज के बारे में किसने सुना होगा. हर किसी ने. लेकिन क्या आपने टाइप-5 डायबिटीज के बारे में सुना है? दरअसल एक नई कैटिगरी की जानकारी सामने आई जिसमें टाइप-5 डायबिटीज के मरीजों का जिक्र किया गया है. उन लोगों को इसका अधिक खतरा है जो मालन्यूट्रिशन यानी कुपोषण का शिकार हों. इसे ही टाइप-5 डायबिटीज का नाम दिया गया है. उन लोगों में ये डायबिटीज देखी जाती है जिनका या तो वजन कम होता है. कुपोषण का शिकार रहें हो. इसपर इंटरनेशनल फेडरेशन ने टाइप-5 डायबिटीज नाम दिया है.
तीसरे सेगमेंट में जानेंगे बहरेपन के इलाज के बारे में
जो लोग बचपन से सुनने की समस्या का सामना कर रहे हैं, उनके लिए एक खुशखबरी सामने आई है. आपको बता दें कि इस कंडिशन को कंजेनिटल डेफनेस कहा जाता है. अब इसपर एक रिसर्च की गई. जिसमें खुलासा हुआ कि जीन थेरेपी की मदद से जो लोग बचपन से बहरेपन का सामना कर रहे हैं, उनकी सुनने की शक्ति वापस आ सकती है. ये एक ऐसा इलाज होगा जहां खराब जीन को ठीक करने का काम किया जाएगा. जानकारी के लिए बता दें कि OTOF नाम के जीन में जब गड़बड़ी होती है तब सुनने की क्षमता प्रभावित होती है.
यह भी पढ़ें: Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: मीठे फल बने खतरा!
यहां देखें VIDEO:


