Mouth Breathing Effects: आप अपनी सांस लेने के तरीके पर कितना ध्यान देते हैं? इसका जवाब जरूर होगा कि कभी नहीं. क्योंकि सांस कैसे ली जा रीह है इसपर कौन ही भला ध्यान देता है?
लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही साधार दिखने वाली आदत हमारे शरीर की एनर्जी, नींद और लंबे समय से होने वाली हेल्थ की प्रॉब्लम्स को प्रभावित कर सकती है. खासतौर पर उस समय में जब आप सांस अपनी नाक के बजाए मुंह से ले रहे हो. अब तक आप ऐसा मानते होंगे कि जब नाक बंद होती है तभी मुंह से सांस ली जाती है.
मुंह से सांस लेते हैं आप?
ऐसा सभी मानते हैं कि हम तो नाक से ही सांस लेते हैं. लेकिन जब नाक बंद हो तो मुंह से सांस लेते हैं. लेकिन कई बार ऐसा देखा गया है कि यही आगे चलकर लोगों की आदत बन जाती है. आप जागते हुए तो नहीं लेकिन सोते समय नींद में मुंह से सांस लेने लगते हैं. जिस कारण सुबह जब उठते हैं तो होंट सूखे, बार-बार प्यास लगना या फिर हमें हल्की-फुल्की थकान लगने लगती है. इस संकेत को पहचाने और जानें कि ये सांस लेने का तरीका है, जो बदल चुका है.
जरूरी है जांच
अब इसपर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप नाक की जगह मुंह से सांस लेते हैं तो ये नॉर्मल नहीं है. खासतौर पर तब जब आप ऐसा नींद में लगातार कर रहे हैं. इसकी पहचान करें और डॉक्टर से इसकी जांच जरूर करवाएं. साथ ही इसका इलाज भी बेहद जरूरी है. नाक इसलिए ही बनी है कि हम उससे सांस लें. ये एक फिल्टर की तरह काम करती है. यानी जो हवा का इनटेक हम करते हैं उसे साफ करती है. साथ ही धूल और बैक्टीरिया को रोकती है. इसलिए अगर हम नाक की जगह मुंह से सांस लेते हैं तो वो प्रोसेस डिस्टर्ब होता है.
मुंह से सांस लेने में क्या परेशानी?
बात करें कि किस तरह की परेशानी हो सकती है, तो साफ है कि अगर आप मुंह से सांस लेते हैं तो हानिकारक कण आपके शरीर में जा सकते हैं. अब नाक इसे फिल्टर करती है. साथ ही हानिकारक कणों को अंदर जाने से भी रोकती है. सूखी और बिना फिल्टर की हवा सीधे फेफड़ों तक पहुंचती है, जिससे समय के साथ सांस लेने पर असर पड़ सकता है. इतना ही नहीं अगर आप मुंह से सांस लेते हैं तो इसका अफेक्ट आपकी एनर्जी पर भी पड़ता है. यानी आपने नींद पूरी कर ली आपको तब भी थकान हो सकती है. इसका कारण साफ है मुंह से सांस लेना.
धीरे-धीरे हो सकती ये परेशानी
कई एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर आप भी इसी तरह से सांस लेते हैं, तो आपको थकान, फोकस में कमी यहां तक की धीरे-धीरे सांस लेने की भी समस्या सामने आ सकती है. इतना ही नहीं नींद की क्वालिटी बिगड़ती है. मुंह से सांस लेने की वजह से आपकी नींद बार-बार टूट सकती है. हालांकि आपको इसका एहसास नहीं होगा. लेकिन आपको स्लीप एपनिया जैसी गंभीर कंडिशन हो सकती है. इसलिए ऐसा हो रहा है तो डॉक्टर से जरूर जांच करवाइए.
यह भी पढ़ें: कैमिकल से पकाए फल तो खैर नहीं! FSSAI ने बरती सख्ती; जारी किया कड़ा आदेश
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


