HomeWellnessFitnessबुजुर्गों के लिए नया फिटनेस ट्रेंड जेरियाट्रिक पार्कौर, जानें एक्टिविटी के फायदे

बुजुर्गों के लिए नया फिटनेस ट्रेंड जेरियाट्रिक पार्कौर, जानें एक्टिविटी के फायदे

Geriatric Parkour Fitness Trend: बुजुर्गों के लिए एक नयी एक्सरसाइज ट्रेंड कर रही है. जिसे जेरियाट्रिक कहा जा रहा है.

Geriatric Parkour Fitness Trend: बुजुर्गों के लिए एक नयी एक्सरसाइज ट्रेंड कर रही है. जिसे जेरियाट्रिक कहा जा रहा है. जेरियाट्रिक पार्कौर सिंगापुर में तेजी से वायरल हो रहा है. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि सिंगापुर में बुजुर्गों के लिए वायरल हो रही फिटनेस ट्रिक्स डेरियाट्रिक पार्कौर क्या है. हमारे दादा-दादी, नाना-नानी इस एक्सरसाइज को कैसे कर सकते हैं. चलिए जानते हैं.

जेरियाट्रिक पार्कौर एक खेल जैसा है, जिसमें व्यक्ति दीवार पर चढ़ते हैं. इसमें खतरनाक स्टंट नहीं होते, बल्कि शरीर के संतुलन, लचीलापन और आत्मविश्वास बढ़ाने पर फोकस किया जाता है. दीवार पार करना, संतुलन बनाना, छोटे-छोटे जंप करना जैसी गतिविधियां इसमें शामिल हैं.

क्या है जेरियाट्रिक पार्कौर?

यह कोई खतरनाक स्टंट नहीं है, इसमें बुजुर्गों को धीरे-धीरे और सुरक्षित मूवमेंट कराए जाते हैं. जिससे शरीर में एक्टिविटी बनी रहती है. बैलेंस, शरीर का तालमेल गिरने से बचना और सही तरीके से उठना जैसी गतिविधियों पर ध्यान ज्यादा होता है. यानी यह सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली मूवमेंट ट्रेनिंग है.

इस एक्टिविटी के क्या फायदे

उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर में बैलेंस बनाना मुश्किल हो जाता है. इस एक्टिविटी के करने से बुजुर्गों के शरीर में बैलेंस बनता है. साथ ही शरीर मजबूत और फुर्तीला बनता है, गिरने का खतरा कम होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है. बुजुर्ग खुद को ज्यादा एक्टिव और “जिंदा महसूस” करते हैं. किसी के सहारे की जरूरत नहीं पड़ती.

भारत के बुजुर्गों के लिए क्यों जरूरी?

भारत में लोग बुजर्गों को ज्यादा आराम करने की सलाह देते हैं. उन्हें किसी भी तरह की एक्टिविटी से दूर रखा जाता है. लेकिन ज्यादा आराम करने से मांसपेशियां कमजोर हो जाती है. वहीं शरीर बैलेंस नहीं बना पाता, जिससे शरीर गिरने लगता है. खुद को संभालना मुश्किल हो जाता है. इसलिए भारत के बुजुर्गों के लिए यह एक्टिविटी बहुत जरूरी है. यह नया तरीका सिखाता है कि कैसे शरीर को रोज़मर्रा की हरकतों के लिए तैयार रखना है.

यह भी पढ़ें: डेस्क जॉब वाले खुद को कैसे रखें Fit? इन आसान टिप्स को करें फॉलो

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)




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