Hearing Loss Treatment: कुछ लोग बचपन से ही सुनने की समस्या का सामना कर रहे हैं. इस कंडिशन को कंजेनिटल डेफनेस कहा जाता है, इसपर एक नई मेडिकल स्टडी रिसर्च सामने आई है. जानकारी के अनुसार जीन थेरेपी की मदद से जो लोग जन्म से ही बहरे होने की समस्या से परेशान हैं उनकी सुनने की क्षमता वापस आ सकती है.
आसान भाषा में कहा जाए तो ये एक ऐसा इलाज होगा शरीर के उस खराब जीन को ठीक करने पर काम करता है. जिसके कारण व्यक्ति सुन नहीं पाता है. दरअसल कुछ मामलों में बेहरेपन की वजह OTOF नाम के जीन में गड़बड़ी के कारण होती है. ये एक ऐसा जरूरी प्रोटीन बनाता है जो कान से दिमाग तक आवाज पहुंचाने में मदद करता है. अब जब यह जीन सही से काम नहीं करता, तो इंसान जन्म से ही सुनने में असमर्थ होता है.
महीनों के अंदर वापस आई सुनने की क्षमता
इस नई तकनीक में वैज्ञानिकों ने एक खास तरह के वायरस की मदद से सही जीन को कान के अंदर पहुंचाया. यह प्रक्रिया एक इंजेक्शन के जरिए inner ear में की जाती है, जिससे शरीर फिर से सही प्रोटीन बनाना शुरू कर देता है और सुनने की प्रक्रिया धीरे-धीरे बहाल होने लगती है, इस इलाज का असर काफी जल्दी देखने को मिला, जहां कुछ मरीजों में एक महीने के भीतर ही सुनने की क्षमता में सुधार दिखने लगा, जबकि छह महीने के अंदर लगभग सभी मरीजों में अच्छा बदलाव देखा गया.
बच्चों में बेहतर रहा थेरेपी का असर
इस स्टडी में यह भी पाया गया कि बच्चों में इस थेरेपी का असर ज्यादा बेहतर रहा, खासकर 5 से 8 साल की उम्र के बच्चों में, हालांकि वयस्क मरीजों में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखा गया. सुरक्षा के लिहाज से भी यह इलाज काफी हद तक सुरक्षित पाया गया है, जिसमें कोई गंभीर साइड इफेक्ट सामने नहीं आए, सिर्फ कुछ हल्के और अस्थायी प्रभाव ही देखे गए. कुल मिलाकर, यह खोज बहरेपन के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है, क्योंकि अब सिर्फ hearing aid जैसे उपकरणों पर निर्भर रहने की बजाय, बीमारी की जड़ यानी जीन को ठीक करके भी सुनने की क्षमता वापस लाई जा सकती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


