Non Alcoholic Fatty Liver Disease: खराब लाइफस्टाइल लोगों पर कितनी तेजी से असर डाल रहा है. शायद इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो. इसी खराब लाइफस्टाइल का असर हमारे लिवर पर पड़ रहा है. आपको बता दें कि दुनियाभर में लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ती जा रही है. ऐसी कई जानकारियां सामने आ चुकी हैं जिसमें साल 2050 तक दुनियाभर में 1.8 अरब लोग फैटी लिवर की समस्या का शिकार हो सकते हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि ये आंकड़ें मेडिकल जर्नल लैंसेट की एक स्टडी रिपोर्ट से सामने आया है. आपको बता दें कि स्टडी में ये सामने आया कि इस बीमारी को मेटाबॉलिक डिसफंक्शन स्टीटोटिक लिवर डिजीज यानी MASLD नाम दिया गया है. इसे फैटी लिवर (NAFLD) के नाम से जाना जाता था. NAFLD मतलब नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर यानी शराब न पीने के बाद भी लिवर का फैटी होना.
कैसे होती है फैटी लिवर की शुरुआत?
अब आपको बता दें कि आखिर फैटी लिवर की शुरुआत ग्रेड 1 से शुरू होकर सिरोसिस तक जाती है. जब सिरोसिस की कंडिशन सामने आती है तो लिवर खराब हो जाता है. कई मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट तक की भी नौबत आ जाती है. इसलिए सेहत का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है. वहीं पहले तक ये बीमारी सिर्फ शराब पीने वाले लोगों में अधिक देखी जाती थी. लेकिन समय के साथ इस बीमारी का पैटर्न भी बदला है. यानी अब जो लोग शराब का सेवन नहीं करते उनमें भी ये समस्या देखी जा रही है.
नॉन अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज क्यों बढ़ रही है
नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज यानी NAFLD के बढ़ने का अगर आप कारण पूछेंगे तो साफ है. इसका कारण खराब लाइफस्टाइल से जुड़ा हुआ है. क्योंकि भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में लोगों ने एक्सरसाइज के रूटीन को कम किया है. जिसके कारण लोगों में मोटापा ज्यादा बढ़ता जा रहा है. इसके बाद दूसरा सबसे बड़ा कारण है हाई ब्लड प्रेशर. खराब खानपान और मेंटली स्ट्रेस भी सबसे बड़ा कारण है क्योंकि इनके कारण बीपी की समस्या बढ़ रही है जो हमारे लिवर पर असर डाल रही है. कई ऐसे मामले हैं जिनमें इसके लक्षणों की पहचान कर पाना मुश्किल हो जाता है. जिसके कारण लोगों को अधिक परेशानी होने लग रही है.
शराब पीने जैसा असर
इसी खराब लाइफस्टाइल के कारण आप चाहे शराब पीएं या फिर न पीएं आपका लिवर खराब होता जा रहा है. इसका असर भी शराब पीने वाले लोगों के बराबर ही होता है. इससे बचने का उपाय बस यही है कि आप अपने खान-पान का खास ख्याल रखें. अगर लाइफस्टाइल बिगड़ा हुआ है तो उसे ठीक कीजिए. अगर आप अधिक फास्ट फूड का सेवन करते हैं, तो उससे भी बचें. क्योंकि इसका असर सीधे आपके लिवर पर पड़ रहा है. जो लोग ऐसे लाइफस्टाइल को फॉलो कर रहे हैं और एक्सरसाइज भी नहीं करते उन्हें ये समस्या अधिक परेशान कर रही है. इस कारण जानकारी सामने आई कि साल 2050 तक 1.8 अरब लोग फैटी लिवर का शिकार होंगे.
इन लोगों को रखना चाहिए खास ख्याल
अब जान लेते हैं कि आखिर किन लोगों को खास ख्याल रखना चाहिए? तो बता दें कि सबसे अधिक केस युवाओं में देखे जा रहे हैं. यानी जो 35 से 39 साल के पुरुष में हैं उनमें ये समस्या अधिक देखी जा रही है. महिलाओं में जो 55 साल की महिलाएं हैं उनमें भी इसके केस तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. लेकिन सबसे अधिक मामले युवा पीढ़ी और बुजुर्गों में है. हालांकि अगर आप समय रहते इनके लक्षणों की पहचान कर लें तो इससे बच सकते हैं.
फैटी लिवर का क्या है कारण?
फिट रहे इंडिया ने फैटी लिवर को लेकर दिल्ली फॉर्टिस एस्कोर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट एंड हैपेटोलॉजी डॉक्टर पंकज पुरी से खास बातचीत की. फैटी लिवर से संबंधित कई जानकारियां उनसे पूछी गई. फैटी लिवर को लेकर डॉक्टर का कहना है कि फैटी लिवर के कई कारण हो सकते हैं. शराब भी कारण है लेकिन अगर आप अधिक दवा का सेवन करते हैं, जो लोग एक्सरसाइज नहीं करते ओबेसिटी का शिकार हो जाते हैं. उनमें फैटी लिवर की समस्या देखी जाती है. यानी अगर आप शराब नहीं भी पीते तो भी आपको फैटी लिवर की समस्या हो सकती है.
इसके लक्षणों की अगर बात की जाए तो अगर आप हमेशा थका-थका सा फील करते हैं, पेट में दाई तरफ हल्का सा दर्द रहता है, अपच रहती है, भूख कम लगती है, खानपान का ख्याल नहीं रख पा रहे. तो ये समस्या आपको हो सकती है. इसलिए खानपान का ध्यान रखें. रोजाना एक्सरसाइज करें, फैटी फूड्स को इग्नोर करें, बीपी को कंट्रोल में रखें. समस्या अगर अधिक है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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