Warning signs of Brain stroke: भारत के पूर्व और मशहूर क्रिकेटर विनोद कांबली ब्रेन स्ट्रोक की समस्या का सामना कर रहे हैं. ब्रेन स्ट्रोक को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर ऐसी कौन सी आदत है जो हमें नहीं करनी चाहिए? अगर कोई व्यक्ति ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो भी जाता है तो उसके पास क्या ऑप्शन बचता है. ऐसे सवालों पर हमने कैसाश हॉस्पिटल न्यूरो इंस्टीट्यूट में न्यूरोसर्जन डॉक्टर श्रिकांत शर्मा से खास बातचीत की. ब्रेन स्ट्रोक पर कई सवालों के जवाब डॉक्टर ने दिए आइए जानते हैं.
डॉक्टर ने सबसे पहले बताया कि आखिर ब्रेन स्ट्रोक होता क्यों है? यानी ब्रेन स्ट्रोक होने का कारण क्या है? डॉक्टर ने बताया कि जब हमारे माइंड के किसी हिस्से में क्लॉट हो जाए और उसके कारण हमारे माइंड के किस्से हिस्से को नुकसान हो जाए इसके कारण कई प्रॉब्लम हो सकती है. जैसे लकवा, मैमोरी डिसर्बेंसिस, आंखों की समस्या चले जाना, यादाश्त चले जाने की समस्या हो सकती है. विनोद कांबले के मामले में भी यादाश्त चले जाने की समस्या हो रही है. डॉक्टर ने बताया कि इस तरह अगर ब्लड क्लॉट हो तो हमारी हेल्थ पर किस तरह नुकसान पहुंच सकता है.
कितने तरह के होते हैं स्ट्रोक?
अब इसपर डॉक्टर ने जानकारी दी और बताया कि दो तरह के स्ट्रोक होते हैं. पहला ब्रेन के अंदर ब्लीडिंग हो जाती है. ये तब होती है जब धमनी फट जाती है. दूसरा कारण बड़ी या फिर छोटी धमनी जो कि ब्रेन को ब्लड सप्लाई कर रही है. उसमें थक्का यावनी क्लॉट जमा होने के कारण भी ये समस्या हो सकती है. ये कंडिशन काफी खराब होती है या तो आप डिसेबल हो सकते हैं या फिर व्यक्ति की मौत हो सकती है.
ब्रेन स्ट्रोक से पहले दिखते ये लक्षण
वहीं जान लेते हैं कि आखिर ब्रेन स्ट्रोक से पहले किस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं? इसपर डॉक्टर श्रिकांत शर्मा ने जानकारी दी और बताया कि हम लोग इस समस्या को युवाओं में BE-FAST करके प्रमोट करते हैं. इसमें B का अर्थ होता है बैलंस्ड. यानी अगर आप घर के किसी भी सदस्य में बैंलस्ड का इशु देख रहे हैं, तो उसे तुरंत नोटिस करें और अलर्ट हो जाइए.E का मतलब है आईबॉल मूवमेंट. यानी एबनॉर्मल तरीके से आई ड्रॉप होती जा रही है. दोनों में से किसी एक आंख में दिक्कत दिखाई दे रही है, तो अलर्ट हो जाइए.
डॉक्टर ने बताया कि F यानी अगर आपका फेस एक जगह लटक जा रहा है, तो अलर्ट हो जाइए. A यानी आर्म्स हाथों या फिर पांव में कमजोरी आना वो भी संभव है कि स्ट्रोक के लक्षण हो. S यानी स्पीच अगर आपको बोलने में तकलीफ हो रही है, तो अलर्ट हो जाइए. T आखिरी स्टेज यानी ये टाइम है जब आपको एंबुलेंस को कॉल करने की जरूरत है. अगर इस तरह के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं.
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Disclaimer: इस लेख में प्रकाशित जानकारी डॉक्टर/एक्सपर्ट के निजी विचार हैं. इसमें दी गई जानकारी किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प नहीं है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए कृपया अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें. लेखक और वेबसाइट इस जानकारी के आधार पर किए गए स्वयं उपचार के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे


