FSSAI Ban chemicals use on fruits: रोजाना फल खाना अगर आपके लाइफस्टाइल का पार्ट है, तो ये जानकारी आपके काम की है. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी (FSSAI) ने कड़े निर्देश जारी किए हैं. जानकारी के अनुसार ये निर्देश फल पकाने वाले कैमिकल को लेकर दिया गया है.
दरअसल फल पकाने के लिए अगर खतरनाक कैमिकल का इस्तेमाल किया गया तो उसे बर्दाश्त नहीं किया गया. इसपर गुरुवार को FSSAI ने आदेश जारी किया है. इसी आदेश में कहा गया है कि कैल्शियम कार्बाइड जैसे कैमिकल्स का इस्तेमाल अब पूरी तरह से बैन है.
क्या कहा गया आदेश में?
मिली जानकारी के अनुसार इस आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि आम, केला, पपीता जैसे फलों में कैल्शियम कार्बाइड जैसे कैमिकल का इस्तेमाल न किया जाए. यानी इस कैमिकल के जरिए फलों को पकाना स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक है. अब जान लेते हैं कि इससे क्या नुकसान होते हैं? तो बता दें कि इस कैमिकल के जरिए फलों को पकाने से उल्टी, त्वचा की समस्या और यहां तक की निगलने की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
फलों को डुबोकर पकाने की कोशिश
उधर कुछ कारोबारियों के लिए सख्त आदेश जारी किए गए हैं. दरअसल कुछ कारोबारी भी एथिफॉन जैसे कैमिकल घोल का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस घोल में फलों को डुबोकर उन्हें पकाने की कोशिश में लगे हुए हैं. जो स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है. हालांकि अब इसपर भी रोक लगा दी गई है. FSSAI की ओर से ये साफ किया गया कि साफ और सुरक्षित तरीके से एथिलीन गैस का इस्तेमाल किया जाना मान्य होगा वो भी तय नियमों के साथ.
अधिकारियों को जारी किए गए निर्देश
वहीं अब राज्यों में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के कई अधिकारियों को मंडियों, गोदामों और थोक बाजारों में जाने का और वहां पहुंचकर कड़े निर्देश देने का आदेश जारी किया गया है. आदेश में साफ कहा गया है कि जहां भी शक हो वहां छापेमारी की जाए और छापेमारी जारीकी जाए. ये साफ किया गया कि अगर किसी के पास से भी कैल्शियम कार्बाइय या फिर ऐसा कोई भी गैरकानूनी कैमिकल बरामद होता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए.
कैसे लगाया जाएगा पता
जानकारी के अनुसार फलों की जांच के लिए अब खास टेस्ट का भी इस्तेमाल किया जाने वाला है. ये टेस्ट में आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि फलों को आर्टिफिशियल यानी नकली तरीके से तो नहीं पकाया गया? यानि बाजारों में बिकने वाले सभी फलों पर कड़ी नजरें रखी जाएगी. इसका मकसद साफ है लोगों की सेहत के साथ कोई खिलवाड़ न हो.
यह भी पढ़ें: दिमाग में जमा खून का थक्का..विनोद कांबली को ब्रेन स्ट्रोक का खतरा! दोस्त ने किया चौंकाने वाला खुलासा
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


