Commercial Determinants of Noncommunicable Diseases in the WHO European Region: तंबाकू, शराब, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और जीवाश्म ईंधन जैसी चीजें सिर्फ पर्यावरण को ही नहीं बल्कि सेहत को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं. ये मौतों का कारण बन रही हैं. WHO की रिपोर्ट बताती है कि हर दिन लगभग 7,500 लोगों की मौत सिर्फ उद्दोगों के कारण हो रही है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के यूरोप क्षेत्रीय कार्यालय ने ‘Commercial Determinants of Noncommunicable Diseases in the WHO European Region’ नाम से एक नई रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप क्षेत्र में हर दिन लगभग 7,500 लोगों की मौत उन व्यावसायिक उत्पादों और उद्योगों के कारण हो रही है, जो लोगों की सेहत पर गंभीर असर डालते हैं.
फैल रही गैर-संचारी बीमारी | Noncommunicable Diseases (NCDs)
शराब, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड और जंक फूड, जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) गैर-संचारी बीमारियों यानि Non-Communicable Diseases या NCD तेजी से फैल रही हैं. यानि ऐसी बीमारियां जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती, बल्कि इन बीमारियों का सबसे बड़ा कारण लाइफस्टाइल और आसपास के क्षेत्र पर निर्भर करता है. इनमें हार्ट डिजीज, कैंसर, डायबिटीज और फेफड़ों की गंभीर बीमारियां शामिल हैं.
क्या होती है गैर-संचारी बीमारियां (Noncommunicable Diseases – NCDs)
गैर-संचारी बीमारियां का खतरा थोड़ा कम होता है. यानि ये हवा, पानी के जरिए नहीं फैलती बल्कि व्यक्ति खुद जिम्मेदार होता है इन बीमारियों के लिए. ये बीमारिया लंबे समय तक रहती है और धीरे-धीरे विकसित होती है. इन बीमारियों का होने का सबसे बड़ा कारण व्यक्ति की लाइफस्टाइल से जुड़ा है. अगर व्यक्ति का खान-पान और लाइफस्टाइल ठीक नहीं है तो उन्हें गैर-संचारी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है.
गैर-संचारी बीमारियां
- हृदय रोग (Heart Disease)
- स्ट्रोक (Brain Stroke)
- कैंसर
- मधुमेह (डायबिटीज)
- क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज(जैसे COPD और अस्थमा)
गैर-संचारी बीमारियां होने के बड़े कारण
- तंबाकू का सेवन
- शराब का अत्यधिक सेवन
- अल्ट्रा-प्रोसेस्ड और अस्वास्थ्यकर भोजन
- शारीरिक गतिविधि की कमी
- मोटापा
- वायु प्रदूषण
- उच्च रक्तचाप और हाई कोलेस्ट्रॉल
WHO की अपील
WHO ने सरकारों से अपील की है कि वे तंबाकू, शराब और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड को लेकर कड़े दिशा-निर्देश लागू करें. ताकि 2030 तक गैर-संचारी रोगों को कम करने और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने में मदद मिल सके. वहीं संगठन का कहना है कि अगर उद्योगों पर कड़े दिशा-निर्देश लागू नहीं किए गए तो गैर-संचारी बीमारियों का बोझ लगातार बढ़ता रहेगा.
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