Drinking Water In Morning Benefits:जब सुबह उठते ही हमारा पेट साफ नहीं होता, तो अक्सर बड़े बुजुर्ग यही सलाह देते हैं कि इसे सुधारने के लिए सुबह खाली पेट पानी पियो. इससे पेट अच्छे से साफ हो जाएगा. लेकिन क्या सच में ऐसा होता है? क्या सच में खाली पेट पानी पीने से प्रेशर बनता है. या ये सिर्फ एक मिथक है. पानी का हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम से क्या लेना देना है? आइए जानते हैं.
कब्ज की समस्या काफी आम होती जा रही है. ये समस्या तब सामने आती है जब मल यानी पॉटी सख्त हो जाती है. इस कारण वो बाहर निकलने में काफी मुश्किल होती है. कई लोग इसका रोजाना सामना करते हैं. अब पानी पीने की सलाह इसलिए दी जाती है, क्योंकि शरीर में फाइबर की कमी और पानी की कमी होती है. सुबह उठकर अगर खाली पेट आप पानी पीते हैं, तो ये समस्या काफी हद तक कम की जा सकती है.
क्या बन जाता है प्रेशर?
जब आप खाली पेट पानी पीते हैं, तो आपकी आंते एक्टिव हो जाती है. मेडिकल टर्म में इसे ‘गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स” कहा जाता है. जब खाली पेट पानी हमारे पेट में जाता है, तो हमारे इंटेस्टाइन की एक्टिवीटी तेज होने लगती है. इसी कारण जब कुछ लोग सुबह उठकर खाली पेट पानी पीते हैं, तो उन्हें टॉयलेट जानी की इच्छा यानी प्रेशर महसूस होता है. ये भी हमारे डायजेशन का ही पार्ट है.
दरअसल अगर डाजेस्टिव सिस्टम को समझा जाए तो छोटी आंत से बड़ी आंत तक खाना जब पहुंचता है. हमारे पोष्क तत्व उससे निकल सकते हैं. बड़ी आंत का काम उस बचे हुए पदार्थ से पानी सोखकर उसे ठोस मल में बदलना होता है. अगर शरीर में पानी की कमी होती है, तो आंत ज्यादा पानी सोख लेती है, जिससे मल सख्त और सूखा हो जाता है और कब्ज की समस्या बढ़ जाती है.
पानी ही क्यों?
आपने सुना होगा कि अक्सर भरपूर मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है. इसका कारण है कि ऐसा करने से पेट के मल में नमी बनी रहती है. पॉटी मुलायम हो जाती है और उसे बाहर आने में मुश्किलें नहीं होती. इसलिए अक्सर पानी पीने की सलाह दी जाती है. जो आपको राहत दिलाती है. हालांकि अब आप कहेंगे कि सिर्फ पानी आपको कब्ज की समस्या से रहात दिला देगा तो ऐसा नहीं है. शरीर को पानी के साथ-साथ फाइबर की भी मात्रा चाहिए होती है. अगर आप फाइबर की मात्रा नहीं लेते तो परिणाम मिलेगा लेकिन उतना नहीं जितना आप लोच रहे हैं.
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