Drug Quality, Research, and Patient Safety: भारत में दवाओं की क्वालिटी, रिसर्च और मरीजों की सुरक्षा को बेहतर करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. अब इसी कड़ी में इंडियन फार्माकोपिया कमीशन (Indian Pharmacopoeia Commission) ने फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल्स ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) और फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च हाजिपुर (NIPER) के साथ एक अहम समझौते (Mou) साइन किए हैं.
इन समझौतों के अनुसार अब देश में सस्ती और अच्छी क्वालिटी की दवाएं उपलब्ध होंगी. यही इस समौझेते का मकसद भी है. साथ ही रिसर्च को बढ़ावा देना और मरीजों की सुरक्षा को मजबूत बनाना है.
किन दवाओं को किया जाएगा बेहतर?
सवाल आता है कि आखिर किन दवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम चल रहा है, तो इसमें IPC और PMBI द्वारा किए गए समझौते के तहत जो दवाएं जन औषधि केंद्रों पर मिलती हैं, उनकी क्वालिटी को और बेहतर करने का कार्य किया जाेगा. इतना ही नहीं समय-समय पर दवाओं के सैंपल लेकर उनकी जांच IPC द्वारा की जाएगी. साथ ही, इन केंद्रों पर सही तरीके से दवाओं के इस्तेमाल (Rational Use) को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि मरीजों को सही दवा सही तरीके से मिल सके.
खास QR कोड लगाने का फैसला
वहीं दवाओं के साइड इफेक्ट्स होते हैं, जिसकी जानकारी देने के लिए भी खास कदम उठाए जाने वाले हैं. समझौतों के तहत जन औषधि केंद्रों पर एक खास तरह का QR कोड लगाया जाएगा. साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी लगाया जाएगा. इससे लोग अपनी शिकायत आसानी से पहुंचा सकेंगे या फिर किसी जानकारी को साझा कर पाएंगे. ऐसे कदमों से मरीजों की सुरक्षा और भी मौजूद होगी. साथ ही फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य से जुड़े लोगों के लिए ट्रेनिंग और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.
दवाओं को बेहतर बनाया जाएगा
वहीं ये समजौता रिसर्च और शिक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित है. यानी इस साझेदारी से नई दवाएं, बायोलॉजिक्स और एडवांस थेरेपी. जैसे सेल और जीन थेरेपी पर रिसर्च की जाएगी. इसी के साथ दवाओं में मौजूद हानिकारक तत्वों की पहचान और उनके असर को समझने पर काम भी किया जाएगा.
ताकि दवाओं के लिए बेहतर और सुरक्षित मानक तय किए जा सकें. दोनों संस्थान मिलकर ट्रेनिंग, वर्कशॉप, सेमिनार और रिसर्च प्रोग्राम भी आयोजित करेंगे. साथ ही, छात्रों के लिए इंटर्नशिप और फेलोशिप के मौके भी बढ़ाए जाएंगे, जिससे फार्मेसी के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. कुल मिलाकर, ये समझौते भारत के हेल्थकेयर सिस्टम को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं, जिससे लोगों को बेहतर, सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज मिल सकेगा.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

