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कानों की इस Problem को किया इग्नोर? करवा लें डॉक्टर से चेक, नहीं तो हड्डियां झेलेंगी परिणाम!

Ear Infection Symptoms: हमारे शरीर में कान सेंसिटीव अंगों में से एक है. लेकिन इनमें होने वाली समस्या को लोग अक्सर इग्नोर कर देते हैं.

Ear Infection Symptoms: हमारे शरीर में कान सेंसिटीव अंगों में से एक है. लेकिन इनमें होने वाली समस्या को लोग अक्सर इग्नोर कर देते हैं. लिहाजा जब समस्या बढ़ जाती है तो लोग कानों के डॉक्टर के पास पहुंचते है. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी होती है. इस कारण से इलाज भी काफी मुश्किल होता जाता है.

क्या आप जानते हैं कि हमारे कान हमारे शरीर में सिर्फ सुनने नहीं बल्कि हमारा बैलेंस बनाने का भी काम कर करते हैं. यानी कान भी हमारे ब्रेन की तरह की कमा करते हैं. साथ ही ओवरऑल हेल्थ से भी इनका नाता होता है. इसलिए इसका समय रहते ख्याल रखना चाहिए. साथ ही अगर समस्या ज्यादा बढ़ी हुई है तो इसका इलाज भी करवाना चाहिए.

कभी नहीं करना चाहिए इग्नोर

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर दीप्ति सिन्हा ने बताया कि लगातार अगर कान में दर्द या फिर कंफर्टेबल महसूस नहीं हो रहा तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए. अगर आपको लगे कि कान भारी हो रहे हैं, बंद हो रहे है या फिर दर्द हो रहा है. इसके पीछे कई कारण छिपे हुए हो सकते हैं. इसलिए इसे इग्नोर मत कीजिए.

कानों में कैसी समस्या होती हैं?

जान लेते हैं कि आखिर कानों में किस तरह की समस्या होती है. जैसे मैल का जम जाना, फंगल या फिर बैक्टीरियल इंफेक्शन, मिडिल ईयर इंफेक्शन या फिर यूस्टेशियन ट्यूब से जुड़ी समस्या हो सकती है. अगर आप डायबिटीक पेशंट है तो ये आपके लिए और नई समस्या खड़ी कर सकता है. ऐसे लोगों के लिए कान का इंफेक्शन ज्यादा खतरनाक हो सकता है. जब इस तरह की कंडिशन सामने आती है तो मैलिग्नेंट ओटिटिस एक्सटर्ना इस गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. ये सिर्फ कानों तक ही नहीं बल्कि आपकी हड्डियों तक भी फैल सकती है.

कम सुनाई देना

कई लोगों के सुनने की क्षमता कम होने लगती है. ऐसा अचानक अगर हो तो ये एक सिग्नल है कि आपको डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए. उदहारण के लिए अगर आपसे कोई कुछ बात कह रहा है और आपको उसे बार-बार दोहराने के लिए कहना पड़ रहा है, तो ये एक चेतावनी का साइन है. कई बार सुनने के लिए टीवी की आवाज तेज करनी पड़ती है. या फिर शोर वाली जगहों पर बातचीत को समझने में परेशानी होती है. ऐसी कंडिशन अगर फेस कर रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच करवाइए. खासतौर पर बुजुर्गों को हर साल अपने कानों की टेस्टिंग करवा लेनी चाहिए. ऐसा इसलिए भी क्योंकि इससे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी की बीमारी की क्षमता को भी प्रभावित करती है.

कैसी प्रॉब्लम्स महसूस होती हैं?

बात करें कि आखिर किस तरह की प्रॉब्लम महसूस होती है तो अगर आपके कानों में समस्या है तो घंटी बजने, भिनभिनाहट या फिर आवाजे अजीब तरह से सुनाई देने लगती है. इस कंडिशन को टिनिटस कहा जाता है. हालांकि ये काफी नॉर्मल दिखने वाला साइन है. लेकिन है काफी गंभीर. इससे हमारा इनर ईयर को और नसों को नुकसान पहुंच सकता है. कई बार अदिक शोर में रहने से ब्लड सर्कुलेशन में काफी दिक्कत कर सकता है.

ऐसी किसी भी समस्या का सामना अगर आप लगातार कर रहे हैं तो डॉक्टर से जांच करवा लीजिए. क्योंकि अगर समस्या बढ़ी तो आपके लिए मुश्किल साबित हो सकत है. कुछ लोगों को चक्कर आना या फिर सिर घूम रहा है. इस तरह महसूस होता है. जो इनर ईयर के कनेक्शन से जुड़ा हुआ होता है.

यह भी पढ़ें: नैचुरली किडनी को करना चाहते हैं Detox? ये उपाय आएंगे काफी काम; निकल जाएंगे सारे विषाक्त पदार्थ

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

sarthak arora
sarthak arora
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
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