Fake toothpaste identification tips: क्या आप टूथपेस्ट खरीदने से पहले उसके असली या फिर नकली होने की जांच करते हैं? अगर नहीं करते तो अब करना शुरू कर दीजिए. दरअसल दिल्ली पुलिस ने एक फैक्ट्री में छापेमारी की जहां मशहूर ब्रांड Sensodyne के नाम से नकली टूथपेस्ट तैयार किए जा रहे थे. क्योंकि मकसद साफ था कि इन टूथपेस्ट को मार्केट में बेचा जाए. इसलिए इसे ठीक उसी तरह तैयार किया जा रहा था जैसा कि असली वाला दिखाई देता था. ताकी किसी को शक न हो और बिना सोच के खरीद लिया जाए.
हैरानी होगी कि पुलिस को इस छापेमारी के दौरान लगभग 1800 से भरी हुई नकली टूथपेस्ट की ट्यूब मिली है. इसमें 10 हजार से खाली डिब्बे मिले. 1200 करीब पैक ट्यूब और 130 किलो नकली टूथ पेस्ट तैयार किया जा रहा था. इस घटना ने लोगों की हेल्थ के साथ होने वाले खिलवाड़ पर सवाल खड़े कर दिए. हालांकि रेड में पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई. आरोपी को गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया गया है. लेकिन अब सवाल आता है कि इस तरह की घटना से बचने के लिए आप असली या फिर नकली की पहचान कैसे कर सकते हैं?
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खरीदारी करते समय हो जाइए अलर्ट
जब भी किसी सामान की खरीदारी करें तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए. बिना सोचे समझे किसी चीज की खरीदारी आपकी सेहत के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है. अब जब आप टूथपेस्ट खरीने वाले हो तो ध्यान रखिए कि असली ब्रांड की पैकेजिंग में एकदम चमक और प्रीमियमनेस दिखाई देगी. ऐसा नकली वाले के साथ नहीं होगा.
अगर होगा तो वो स्पेलिंग में कुछ गड़बड़ कर देंगे. या फिर डिब्हे पर प्रिंटिंग धुंधली होगी. मैन्युफैक्चरर का पता नहीं मिलेगा. अगर ये सब दिखाई न दे तो समझ जाइए कि कुछ गड़बड़ है. वहीं असली टूथ पेस्ट के अंदर आपको हमेशा एक बारकोड दिखाई देगा और वो भी साफ. उदहारण के तौर पर कोलगेट के अंदर अक्सर 35000 से शुरू बोने वाले कोड को चेक करें. आप ऐप से भी स्कैन कर सकते हैं.
अफवाहों से भी बचें
वहीं इस मामले के सामने आते ही सोशल मीडिया पर हर कोई जानकारी दे रहा है कि आप किस तरह असली-नकली की पहचान कर सकते है. कोई कह रहा है, कि नीचे बना नीला या फिर हरा रंग का चौकोर डिब्बा पेस्ट के नेचुरल होने का प्रमाण देता है. लेकिन ऐसा नहीं है. ये महज एक अफवाह है. आप एक आई मार्क देखें. क्योंकि एक आई मार्क होता है ये मार्क सिर्फ मशीनों को ट्यूब काटने और सील करने का इशारा देता है. असलियत जाननी है तो हमेशा नामी फार्मेसी या भरोसेमंद स्टोर से ही सामान लें.
अगर आपने गलती से नकली पेस्ट ले भी लिया तो उसकी पहचान आप इस्तेमाल करते हुए भी कर सकते हैं. जब पेस्ट में झाग कम बने या फिर मसूड़ों में जलन महसूस हो इस तरह का कुछ भी फील होने पर उसे अपने से दूर करें और बिन में डाल दें. साथ ही सस्ते के चक्कर में न फंसे नहीं तो मसूड़ों के साथ समझौता करना आपके लिए अच्छा साबित नहीं होगा.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प बिल्कुल भी न मानें. अगर आप किसी समस्या से जूझ रहें हैं तो किसी एक्सपर्ट्स या डॉक्टर से सलाह जरूर लें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


