Father Smoking Affect on Child: धुम्रपान सेहत के लिए हानिकारक है. कितनी ऐडवरटीजमेंट या फिर पोस्टर्स पर आपने ये डिस्क्लेमर पढ़ा होगा. यहां तक की सिगरेट के पैकेट पर भी ये चेतावनी लिखी जाती है. क्योंकि ये सच में स्वास्थ के लिए काफी हानिकारक है. हालांकि जो लोग स्मोकिंग करते हैं और ऐसे लोग अगर उन लोगों के सामने स्मोक करें जो उसे हाथ तक नहीं करते उनके लिए ये काफी हानिकारक हो सकती है.
हालांकि दोनों के स्वास्थ पर असर तो पड़ता ही है. इसे लेकर एक चौंकाने वाली स्टडी रिपोर्ट सामने आई है. जानकारी सामने आई कि अगर आपके पिता की स्मोकिंग की आदत है, तो इसका असर सिर्फ पिता पर ही नहीं उनके बच्चों की सेहत पर भी पड़ सकता है. स्टडी रिसर्च बताती है कि अगर पिता स्मोकिंग करते हैं, तो उनके बच्चों में रिस्क काफी बढ़ सकता है.
किसने की स्मोकिंग पर ये रिसर्च?
ये रिसर्च रिपोर्ट कैलिफोर्निया यूनविर्सिटी के डॉक्टरों द्वारा की गई है. इतना ही नहीं इसे इसकोजर्नल ऑफ द एंडोक्राइन सोसाइटी में पब्लिश भी किया गया है. वहीं रिसर्च में ये जानकारी सामने आई कि अगर आपके पिता स्मोकिंग करते हैं, तो उनके बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज से लेकर लिवर की बीमारियां यहां तक की कई तरह की मेटाबॉलिक बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है.
बच्चों में कैसे हो सकती समस्या?
अब एक सवाल आता है कि आखिर पिता के स्मोकिंग करने से आखिर बच्चों की सेहत पर कैसे असर पड़ सकता है? आपके इस सवाल का जवाब भी दिया गया. दरअसल जब आपके पिता स्मोकिंग कर रहे होंगे, तो उनके स्पर्म में बदलाव देखने को मिल सकते हैं. यही बदलाव के कारण जब बच्चा पैदा होगा उनमें डायबिटीज का खरता बढ़ सकता है.
वहीं इस रिसर्च के अंदर 1 हजार मेल्स को शामिल किया गया है. शामिल किए गए एक हजार पुरुष स्मोकिंग करते थे. अब इनमें बिल्कुल वही पैटर्न देखा गया जो हमने अभी आपके साथ साझा किया. चौंकाने वाली बात है कि इनके बच्चों की संख्या में 30 प्रतिशत ऐसे थे जिनमें डायबिटीज के लक्षण या फिर लिवर से जुड़ी प्रॉब्लम्स पाई गई थी. साइंटिस्ट ने ये भी कहा है कि फिलहाल इस रिसर्च को बड़े स्केल पर नहीं किया गया लेकिन ये शुरुआती नतीजे बताते हैं कि इसका असर बच्चों पर भी हो रहा है.
मेटाबॉलिज्म को करता है प्रभावित
वहीं रिसर्च में खुलासा हुआ कि स्मोकिंग के दौरान शरीर में निकोटीन जाता है. अब ये निकोटीन जब हमारे शरीर में एंटर करता है तब ये हमारे मेटाबॉलिज्म के प्रोसेस पर इफेक्ट डालता है. जिससे की शरीर में इंसुलिन काम करने का तरीका बदल सकता है. यही हमें टाइप-2 डायबिटीज का शिकार बना सकता है. रिसर्च बताती है कि संभव है कि आगे चलकर बच्चे को ये बीमारी हो जाए. स्टडी में यह भी संकेत मिला है कि पिता की स्मोकिंग की वजह से बच्चों के लिवर फंक्शन पर असर पड़ सकता है.
यह भी पढ़ें: क्या दूसरी-तीसरी मंजिल चढ़कर फूल जाती हैं आपकी सांसे? सीढ़ियां चढ़ते समय इन बातों पर दें ध्यान


