Harish Rana Case: साल 2013 में पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले हरीश राणा पिछले 13 सालों से बिस्तर पर हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें लेकर इच्छामृत्यु का फैसला सुनाया. ये फैसला जज के लिए भी आसान नहीं था. जिस समय जज जस्टिस जेबी पारदीवाला ये फैसला सुना रहे थे उनकी आंखें नम हो गईं और काफी भावुक भी हुए.
11 मार्ट बुधवार की सुबह आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में जेबी पारदीवाला और जस्टिव केवी विश्वनाथन की बेंच ने इच्छामृत्यु की मांग पर सुनवाई की. जिसकी मांग खुद हरिश के माता-पिता ने की थी. परिवार की मांग थी कि हरिश को पैसिव युथनेसिया यानी इच्छामृत्यु दी जाती. जिसपर कोर्ट ने आज मंजूरी दे दी.
पिछले 13 सालों से बिस्तर पर है हरीश राणा
जानकारी के लिए बता दें कि पंजाब यूनिवर्सिटी में हरिश अपने पढ़ाई कर रहे थे. लेकिन एक दिन आया जब हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने की वजह से हरिश के सिर में गंभीर चोटें आईं. इस हादसे ने हरिश के पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी. आपको बता दें कि ये चोटें मामूली नहीं थी. इसका असर उनके ब्रेन पर पड़ा. तब से लेकर आज तक वो बिस्तर पर ही हैं. इस तरह उन्हें 13 साल का समय बीत चुका लेकिन फिर भी उनकी हालत में कोई सुधार देखने नहीं मिल रहा. जिसके कारण परिवार ने उनके लिए इच्छामृत्यु की अपील करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. जिसपर आज सुनवाई हुई.
हमारे लिए काफी मुश्किल है फैसला
जिस समय इस मामले पर सुनवाई हुई उस दौरान जस्टिलस पारदीवाला ने कहा कि ये काफी दुखद है. हमारे लिए भी ये फैसला लेना काफी मुश्किल है. लेकिन हरीश को दुख में नहीं रखा जा सकता. इसलिए हम अभी एक ऐसे स्टेज में है, जहां ऐसा फैसला हमें लेना पड़ रहा है. इतना ही नहीं कोर्ट ने परिजनों की भी खूब तारीफ की कि ऐसे मुश्किल समय में परिवार ने उनका साथ नहीं छोड़ा. अदालत ने कहा कि किसी से प्यार करने का मतलब होता है कि आप उस व्यक्ति के बुरे समय में उसकी देखभाल करें.
डेली के कामकाज में होती है परेशानी
वहीं आपको बता दें कि हरिश को कई बुनियादी कार्य जैसे सांस लेना, खाना खाने और रोजमर्रा की सहायतेा के लिए चिकित्सा की सहायता की जरूरत होती है. एम्स के डॉक्टरों ने भी इस मामले पर हरिश के घर पर जाकर जांच की थी. जिसके बाद कोर्ट को रिपोर्ट पेश की गई. कोर्ट ने कहा कि हरिश ट्रेकियोस्टोमी ट्यूब के जरिए फिलहाल सांस ले रहा है. इतना ही नहीं गैस्ट्रोस्टॉमी ट्यूब की मदद से उसे खाना दिया जा रहा है. वहीं हरिश के शरीर पर कई घाव हो चुके हैं.
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