Diseases Affecting Women: महिलाओं में फाइनेंशियल इंटिपेंटिड होने का बढ़ता दबाव और असंतुलित खानपान के कारणों से, आज के समय में कई महिलाएं और युवा लड़कियां कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का सामना कर रही हैं. लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव और नींद की कमी जैसी आदतें उनके जीवन पर गहरा असर डाल रही हैं.
इन सभी कारणों की वजह से उनकी जीवनशैली पहले समय की महिलाओं जैसी नहीं रही. जिसकी वजह से उनकी हेल्थ कई गंभीर बीमारियों के घेरे में आ जाती है. लेकिन अगर समय रहते इन समस्याओं को देख लिया जाए तो वह अपने जीवन को बेहतर बना सकती हैं. महिलाएं इन बीमारियों को अनदेखा कर देख हैं. जिससे ये बीमारियां ज्यादा खतरनाक हो जाती हैं. हम सब को इन बीमारियों के प्रति जागरूक करना चाहिए. जिससे हमारे समाज में अहम भूमिका निभाने वाली महिलाओं को बचाया जा सकें.
महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारियां
ब्रेस्ट कैंसर
ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाली सबसे आम बीमारियों में से एक है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार पिछले सालों में लगभग 6 लाख से ज्यादा महिलाओं की मौत हो चुकी है. ये कैंसर स्तन के टिशू में होता है. ब्रेस्ट में बढ़ने वाली सेल्स जो ट्यूमर का रूप ले लेती हैं. हालाकिं समय पर इलाज करवाने पर ये गंभीर बीमारी ठीक भी हो सकती है.
ब्रेस्ट कैंसर से जूझने वाली मशहुर हस्तियां
घर-घर में अक्षरा नाम से पहचान बना चुकी हिना खान, को साल 2024 में स्टेज-3 का ब्रेस्ट कैंसर हुआ था. वहीं मशहूर एक्ट्रेस महिमा चौधरी, सोनाली बेंद्रे, छवि मित्तल, ताहिरा कश्यप, मुमताज और नफीसा अली भी ब्रेस्ट कैंसर से लड़ चुकी हैं।
सर्वाइकल कैंसर
सर्वाइकल कैंसर भी महिलाओं में होनी वाली गंभीर बीमारियों में से एक है. अधिकतर महिलाओं को इस कैंसर के बारे में कम ही पता होता है, जिसके कारण कई महिलाओं की मृत्यु तक हो जाती है. सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) में होने वाला कैंसर है, जो मुख्य रूप से HPV वायरस (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) के कारण होता है. इसके शुरूआती चरणों में यह दिखाई नहीं देते लेकिन समय रहते जांच और वैक्सीन (9-14 वर्ष की लड़कियों के लिए) से इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है. बता दें कि सर्वाइकल कैंसर से लगभग 2022 में 3 लाख से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं.
गठिया
गठिया भी एक प्रकार की गंभीर बीमारी है, ये बीमारी बढ़ती उम्र की महिलाओं में ज्यादा देखी जाती हैं. गठिया एक प्रकार की जोड़ों में होने वाली दर्द, सूजन से जुड़ी बीमारी है. गठिया होने पर जोड़ों में अकड़न, सूजन और पैरों की एक्टिविटी कम हो जाती है. गठिया मुख्य रूप से रजोनिवृति यानि मैनोपोस के बाद, 50-60 वर्ष से अधिक उम्र की, मोटापे से ग्रस्त, या पारिवारिक इतिहास (जेनेटिक) वाली महिलाओं में अधिक होती हैं। इसके अलावा इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं. वहीं ऑटोइम्यून बीमारियां इसके मुख्य कारण हैं, जो 60% से अधिक महिलाओं को प्रभावित करती हैं।
अगर महिलाएं हेल्थ के प्रति सजग हो जाएं और समय रहते इन बीमारियों की पहचान कर लें, तो उन्हें इन गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


