Harish Rana Case: सोशल मीडिया से लेकर देशभर में गाजियाबाद के हरीश राणा की चर्चा काफी तेज है. उसपर भी जब से इच्छामृत्यु की इजाजत दी गई. उसके बाद से ही सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आ चुके है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट ने किसी को इच्छामृत्यु की इजाजत दी हो. आपको बता दें कि हरिश पिछले 13 सालों से वेजिटेटिव स्टेट में है. यानी वो जीवित हैं लेकिन उनके आसपास क्या चल रहा है क्या नहीं इसका उन्हें नहीं पता चल पा रहा.
हरिश को क्या हुआ था?
देश की नजर हरीश पर है. उन्हें मिलने वाले मेडिकल सपोर्ट को हटा लिया गया है. लेकिन लोगों के मन में एक सवाल आता है कि हरिश के साथ ऐसा क्या हुआ जो उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई. आपके इस सवाल का हम जवाब लाए हैं. दरअसल साल 2013 में हरिश राणा के साथ चंडीगढ़ में एक हादसा हुआ. जहां वो हॉस्टल की बिल्डिंग से गिर गए थे. जिसके बाद से हरिश वेजिटेटिव स्टेट में चले गए. डॉक्टर्स के अनुसार उन्हें क्वाड्रिप्लेजिया नाम की एक गंभीर कंडिशन हुई थी. इस कंडिशन में उनके ऑर्गन्स ने काम करना बंद कर दिया था.
क्या होता है क्वाड्रिप्लेजिया कंडिशन? | What is Quadriplegia condition
एक्सपर्ट्स के अनुसार ये एक ऐसी कंडिशन है जहां मरीज के दोनों हाथ पैर काम करना पूरी तरह बंद कर देते हैं. वहीं पिछले कुछ सालों में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं. अब आप पूछेंगे कि ये मामले कब सामने आते हैं, तो तेद रफ्तार में कार चलाना, उससे एक्सीडेंट हो जाना. इस दौरान अगर गर्दन पर गंभीर चोट लगती है. क्योंकि गर्दन से हमारी स्पाइनल कॉर्ड जुड़ी होती है.
जो हमारे माइंड के सिग्नल्स को हाथों और पैरों तक पहुंचाने का काम करती है. ऐसे में जब गर्दन पर स्पाइनल कॉर्ड को चोट लगती है तो हाथ-पैरों को चलाने वाली नसें अपनी शक्ति खो देती है. इससे सर्वाइकल स्पाइनल कॉर्ड इंजरी कहते हैं. जिसकी वजह से कुछ मामलों में क्वाड्रिप्लेजिया हो सकता है. जो इससे पीड़ित होते हैं ऐसे मरीज न तो चल सकते. अपने डेली लाइफ के कामकाज को नहीं कर पाते. क्योंकि पेशंट के हाथ और पैरों में सेंस्टिवीटी खत्म हो जाती है. पेशंट को कहां चोट लगी है उसे नहीं चल पाता.
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