Packaged Food Can Cause Cancer And Diabetes: आजकल बदलती जीवनशैली में लोगों के पास इतना समय नहीं कि वह हेल्दी खाना खा सके. इसके चलते वह बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद फूड खाने लगते हैं. इस बात की परवाह किए बिना कि वह फूड हेल्थ के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा, हेल्थ के लिए फायदेमंद है भी या नहीं. लोग तो अक्सर भूख मिटाने के चलते जल्दी-जल्दी इन फूड्स को बस खा लेते हैं.
लेकिन कई हेल्थ स्टडीज में इस बात का खुलासा हुआ है कि ये पैकेट बंद फूड हेल्थ के लिए बहुत हार्मफुल होते हैं. बता दें कि इन फूड्स को लंबे समय तक फ्रेश रखने के लिए इनमें कुछ प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं.
क्या होते हैं प्रिजर्वेटिव्स और क्यों हैं खतरनाक?
पैकेट बंद फूड में खराब होने से बचाने के लिए मुख्य रूप से सिंथेटिक और नेचुरल प्रिजर्वेटिव्स का उपयोग किया जाता है. इनमें प्रमुख हैं सोडियम बेंजोएट, पोटेशियम नाइट्राइट, बीएचए (BHA), बीएचटी (BHT), सल्फाइट्स, और एंटी-ऑक्सीडेंट जैसे एस्कॉर्बिक एसिड. इन प्रिजर्वेटिव्स का उपयोग बैक्टीरिया और फंगस को रोकने के लिए किया जाता है. प्रिजर्वेटिव्स वे केमिकल हैं जो खाने को बैक्टीरिया और फफूंद से बचाकर महीनों तक ताजा रखने का काम करते हैं. नमक और चीनी प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, लेकिन आज फूड इंडस्ट्री सोडियम नाइट्राइट, पोटैशियम मेटाबाइसल्फाइट और एसीटेट्स जैसे सिंथेटिक केमिकल्स का उपयोग कर रहे हैं.
अगर आम भाषा में कहें तो ये प्रिजर्वेटिव्स जहरीले केमिकल्स होते हैं, जो शररी के अंदर जाकर खतरनाक और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों को जन्म देते हैं. यह प्रिजर्वेटिव्स (केमिकल्स) हेल्थ के लिहाज से बहुत खतरनाक माने जाते हैं.
प्रिज़र्वेटिव्स से कैंसर के संबंध
बता दें कि ब्रेड, ड्रिंक, पैकेज्ड स्नैक्स और रेडी टू ईट मील में कई तरह के फूड प्रिजर्वेटिव मिलाए जाते हैं, जो डायबिटीज जैसी बीमारी को जन्म देते हैं. ब्रेड और स्नैक्स में मिले प्रिजर्वेटिव्स केमिकल के कारण ही लोगों में डायबिटीज जैसी समस्या देखी जा रही है. हेल्थ स्टडी के अनुसार, पैकेज फूड का ज्यादा सेवन करने वाले ग्रुप में 50 फीसदी लोग डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं.
वहीं पैकेट बंद फूड को खाने से न सिर्फ डायबिटीज टाइप 2 का खतरा होता है बल्कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को भी जन्म देता है. फूड प्रिजर्वेटिव्स के कारण लोगों में प्रोस्टेट कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने का खतरा होता है. हेल्थ स्टडी बताती है कि पैकेट बंद फूड्स खाने से सभी प्रकार के कैंसर होने का खतरा होता है. WHO (World Health Organization) ने पहले ही चेतावनी दी है कि लंबे समय तक प्रोसेस्ड मीट का सेवन कैंसर का कारण हो सकता है. इसका सीधा संबंध कोलन कैंसर से बताया गया है.
डॉक्टर ने क्या कहा?
अगर आप इस तरह फूड्स का सेवन करते हैं तो थोड़ा सावधान हो जाइए, फिट रहे इंडिया ने डॉक्टर से इस मुद्दे पर बात की हैं, डॉक्टर ने क्या कहां, जानिए. डॉ. अंशुमन कुमार के अनुसार, हमें अपनी पुरानी पारंपरिक आदतों की ओर लौटना चाहिए। घर पर ताज़ा खाना बनाना, खुद मसाले पीसना और प्राकृतिक तरीके से भोजन तैयार करना हमारी सेहत के लिए बेहतर है। इसके विपरीत, बार-बार फ्रिज में रखा और गर्म किया हुआ खाना पोषणहीन हो जाता है और शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।
फल और सब्ज़ियों का सही उपयोग
फल और सब्ज़ियाँ हमारे आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें सही तरीके से खाना भी उतना ही जरूरी है। बिना धोए या लंबे समय तक कटे हुए फल खाने से शरीर में हानिकारक तत्व जा सकते हैं। इसलिए हमेशा ताज़ा, साफ और सही तरीके से तैयार किया गया भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
क्या सही खान-पान से कैंसर से बचाव संभव है?
हालांकि कोई भी भोजन पूरी तरह से कैंसर से बचाने की गारंटी नहीं देता, लेकिन सही और संतुलित आहार शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। इससे कैंसर सहित कई बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है।
- स्वस्थ जीवन के लिए आसान सुझाव
- हमेशा ताज़ा और घर का बना खाना खाएं
- पैकेट और प्रोसेस्ड फूड से दूरी रखें
- फल और सब्ज़ियों को अच्छी तरह धोकर खाएं
- साफ और संतुलित मिनरल वाला पानी पिएं
- बिना जरूरत सप्लीमेंट्स का सेवन न करें
- पारंपरिक और प्राकृतिक तरीके अपनाएं


