How to Recognize the Symptoms of Diabetes: बदलती जीवनशैली में लोग डायबिटीज के मरीज बन रहे हैं. गलत खानपान, बदलती लाइफस्टाइल, पुराने खानों से दूरी, सुबह जल्दी न उठने की आदतें हमें बीमार कर रही हैं. बीमार ही नहीं बल्कि बहुत बीमार, यहां तक की डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के घेरे में पहुंचा देती हैं. यह बीमारी केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि युवा और बच्चे भी तेजी से इसके शिकार हो रहे हैं.
हालाकिं इस बीमारी के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसें- अनियमित खानपान, मानसिक तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनुवांशिक कारण प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं. लेकिन समय में पहचान कर आप इस बीमारी को कंट्रोल कर सकते हैं. वहीं अगर आपने इस बीमारी को समय रहते नहीं पहचाना तो आपकी जान तक जा सकती है. इसलिए समय रहते इस बीमारी के सामान्य लक्षणों की पहचान कर, डॉक्टर से सलाह-मशवरा जरूर करें. क्योंकि ये आपकी जान का सवाल है.
कैसे पहचानें डायबिटीज के लक्षण | How to Recognize the Symptoms of Diabetes
- अत्यधिक प्यास और भूख: सामान्य से बहुत ज्यादा प्यास लगना और भूख बढ़ जाना.
- बार-बार पेशाब आना: विशेषकर रात के समय अधिक यूरिन आना.
- बिना कोशिश वजन कम होना: अचानक से वजन कम हो जाना.
- थकान और कमजोरी: हर समय थका हुआ महसूस करना.
- धुंधली दृष्टि: आंखों के सामने धुंधलापन छाना.
- घाव का धीरे भरना: चोट या जख्म को ठीक होने में लंबा समय लगना.
- त्वचा में संक्रमण: त्वचा में खुजली, सूखापन या फंगल इन्फेक्शन.
- दरअसल डायबिटीज से पहले प्री-डायबिटीज की जांच करवाने से आपको डायबिटीज होने का कितना खतरा है, ये पता किया जा सकता है. लेकिन कई मामलों में प्री-डायबिटीज में ब्लड शुगर का लेवल सामान्य से ज्यादा, इतना भी ज्यादा नहीं होता कि उसे डायबिटीज माना जाए. कई बार यह लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए बहुत से लोगों को पता भी नहीं चल पता कि उन्हें प्री डायबिटीज है.
ऐसे बरतें सावधानी
35 साल की उम्र के बाद ब्लड शुगर रेगुलर टेस्ट कराना जरूर करवाना चाहिए. सबसे अच्छी बात यह है कि वेट कंट्रोल करके, रेगुलर एक्सरसाइज, डाइट और स्ट्रेस कम करके डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी को रोका जा सकता है.
घर बैठे करे डायबिटीज की जांच
घर में डायबिटीज चेक करने का सबसे आसान तरीका ग्लूकोमीटर है. जो बाजार में आसानी से किसी भी मेडिकल स्टोर पर मिल जाता है. इसे बाजार से खरीद कर लें आए और, ब्लड शुगर की जांच सुबह खाली पेट करें और खाना खाने के बाद भी करें. खाना खाने के दो घंटे बाद जांच करें. खाली पेट 100 mg/dl से कम और खाने के दो घंटे बाद शुगर 140 mg/dl से कम होनी चाहिए. लेकिन घर पर डायबिटीज की जांच के लिए हाथ को साफ रखें, हर बार नई सुई का ही इस्तेमाल करें. और अपनी रीडिंग रोजाना चेक करें.
आज के समय में जंक फूड, प्रोसेस्ड स्नैक्स और शुगर से भरपूर ड्रिंक्स लोगों की डाइट का हिस्सा बन गए हैं. बिजी लाइफस्टाइल में लोग इन फूड्स को खाकर काम चलाते हैं. जिसाक सीधा असर उनकी सेहत पर होता है. वहीं अगर बात करें की डायबिटीज की तो लोगों को डायबिटीज सीधे नहीं होती यह बीमारी धीरे-धीरे अपनी चपेट में व्यक्ति को लेती है. इसके बाद वह अन्य गंभीर बीमारी के शिकार हो जाते हैं.
यह बीमारी हमारी रोजाना की खराब आदतों और अनहेल्दी लाइफस्टाइल का परिणाम है. अगर आप समय रहते खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव कर लेते हैं. तो इस बीमारी से बच सकते हैं.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


