Medical Negligence In Hospitals India: जयपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई, जहां डिलवरी के दौरान एक हादसा हुआ, दरअसल नॉर्मल दिखने वाली सर्जरी ने महिला के लिए जोखिम खड़ा कर दिया. जानकारी के अनुसार सी-सेक्शन के बाद स्पाइनल एनेस्थीसिया के बाद कमर के नीचे से पैरालाइज्ड हो गई. ऐसी कंडिशन सामने आने के बाद महिला का MRI टेस्ट करवाया गया. रिपोर्ट्स सामने आने के बाद खुलासा हुआ कि महिला की हड्डी में ब्लीडिंग हो गई थी. इसका उनकी नसों पर भी काफी प्रेशर पड़ रहा था.
मीडिया रिपोर्ट्स सामने आने के अनुसार महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंजसेज एंड टेक्नोलॉजी के न्यूरोसर्जनों की टीम, जिसमें डॉ. अनमोल सिंह रंधावा शामिल थे. उन्होंने ही सर्जरी के दौरान ब्लड क्लॉट हटाया था. मामला पुराना है. लेकिन इस मामले ने स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए गए हैं. महिला सर्जरी के बाद व्हीलचेयर पर निर्भर होने से बच गई.
हर कोई नहीं होता लकी
इस मामले में महिला का लक उनके साथ रहा. वो व्हीलचेयर पर निर्भर होने से बच गई. लेकिन हर किसी की किस्मत इस तरह से नहीं होती. टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान दिल्ली स्थित PSRI अस्पताल में स्थित डॉक्टर प्रशांत कुमार ने बताया कि अगर आप समय रहते ऐसी दिक्कतों को नहीं पहचान करें या फिर सही इलाज न मिलें तो इस तरह की नॉर्मल सर्जरी भी आपके लिए जानलेवा बन सकती है.
सर्जरी को लेकर और उससे होने वाले खतरे देशभर में बढ़ते जा रहे हैं. हालांकि ये एक चिंता का विष्य है. लेकिन इसपर आधिकारिक डेटा नहीं है. मुंबई के टाटा मेमोरियल, बेंगलुरु के NIMHANS और अहमदाबाद के CIMS में हुए एक स्टडी Indian Journal of Critical Care Medicine, 2021 में पाया गया कि 27.5 प्रतिशत मरीजों में सर्जरी के बाद दिक्कतें हुईं, जबकि वैश्विक औसत 19.8 प्रतिशत है.
सर्जरी के बाद आम होती जा रही ये समस्याएं
वहीं डॉक्टरों के अनुसार सर्जरी के बाद होने वाली समस्याओं में इंफेक्शन, हार्ट से जुड़ी मसस्याएं, किडनी फेलियर जैसी आम दिक्कतें शामिल हैं. इस तरह के मामलों की कमी नहीं है. ऐसा ही एक मामला साल 2007 में सामने आया. जहां एक बुजुर्ह महिला को हिस्टरेक्टॉमी के बाद हेपेटाइटिस C हो गया. जानकारी सामने आई कि अनक्लीन इक्विपमेंट्स का इस्तेमाल करने के कारण ऐसा हुआ है.
मामला सामने आया और कोर्ट जा पहुंचा. जहां कोर्ट ने इस मामले को नेग्लिजेंस माना. साथ ही अस्पताल को मुआवजा देने का आदेश जारी किया. एक्सपर्ट्स का ऐसा कहना है कि इस तरह की गलतियां अक्सर तब होती हैं जब नियम का सही ढंग से पालन न किया जाए. कुछेक की बात की जाए तो सर्जरी करने के दौरान इक्विपमेंट्स का छूट जाना, स्टेरिलाइजेशन में कमी आना. इस तरह की लापरवाही पेशंट के लिए खतरा साबित हो सकती है. तमिलनाडु में इसी तरह के मामलों के कारण इंफेक्शन फैलने से ही कई लोगों की मौत हो गई थी.
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