होमHealth Newsइन फूड्स को खाने से बचें, नहीं तो हो जाएगी मेमोरी लॉस

इन फूड्स को खाने से बचें, नहीं तो हो जाएगी मेमोरी लॉस

Junk Foods Side Effects:बिना स्वास्थ्य की परवाह किए बिना अगर आप इन फूड्स को खा लेते हैं, तो आप अपनी याददाश्त यानि मेमोरी तक छिन सकती है.

Junk Foods Side Effects: 21वीं सदी में ऐसा कौन है, जो फास्ड फूड का शौकीन नहीं है. दरअसल आज के समय में बच्चों से लेकर बड़ों तक में फास्ट फूड खाने की आदत देखी जा रही. ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ लोगों को खाना बनाने का समय नहीं मिल पाता तो कुछ लोग फास्ट फूड के इतने शौकीन हो चुके हैं, कि वह इन फूड्स को खाए बिना रह ही नहीं सकते. वहीं इस तरह की आदते शरीर के स्वास्थ्य पर गंभीर असर करती है. बिना स्वास्थ्य की परवाह किए बिना अगर आप इन फूड्स को खा लेते हैं, तो आप अपनी याददाश्त यानि मेमोरी तक छिन सकती है.

बता दें कि याद रखना, ध्यान लगाना और सीखने जैसी क्षमताएं दिमाग के कॉग्निटिव कैपेसिटी पर निर्भर करती हैं. वहीं बिगड़ती जीवनशैली के चलते ये कमजोर हो रहा है. सुस्त जीवनशैली, नींद की कमी और क्रोनिक स्ट्रेस की वजह से कॉग्निटिव फंक्शन कमजोर हो जाते हैं और दिमाग का कामकाज धीमे होने लगता है. इससे बचने के लिए आप अपनी लाइफस्टाइल कुछ सामान्य से बदलाव कर सकते हैं. जो आपकी कॉग्निटिव कैपेसिटी को बेहतर करेगा.

कॉग्निटिव कैपेसिटी यानि किसी व्यक्ति के शरीर के मस्तिष्क में जानकारियों को प्रोसेस करना, याद रखना, समझना और निर्णय लेने की प्रक्रिया, मेंटली कैपेसिटी पर निर्भर करती है.

जंक फूड्स पर हुई कई रिसर्च

अमेरिका के उत्तरी कैरोलिन विश्वविद्यालय में एक स्टडी में पाया गया कि जंक फूड से न सिर्फ आपका वजन बढ़ता है बल्कि ये सबसे पहले आपके दिमाग पर असर करता है. यानि जंक फूड के रोजाना सेवन से आपके सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ता है.

वहीं कुछ सालों पहले अमेरिका में अल्जाइमर्स एसोसिएशन की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में भी एक रिसर्च पेश की गई थी जिसमें बताया गया कि ज्यादा मात्रा में अल्ट्रा प्रॉसेस्ड फूड खाने वालों में डिमेंशिया का खतरा हो सकता है. जिसमें याददाश्त और सोचने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो जाती है.

क्या कहती है MGH की रिपोर्ट

Massachusetts General Hospital की रिपोर्ट में अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स के साइड इफेक्ट्स के बारे में बताया गया है. इससे पहले रिसर्च में जंक फूड को मोटापे, हार्ट डिजीज और डायबिटीज के लिए जिम्मेदार पाया गया था. लेकिन नई स्टडी में इन्होंने मेमोरी को भी जोड़ा है. इस रिसर्च में बताया गया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड के सेवन से स्ट्रोक का रिस्क में 8 प्रतिशत तक का इजाफा देखा गया. रिसर्च में ये बात भी निकलकर आई है कि जितनी कम मात्रा में इस तरह की चीजें खाई जाएंगी, सोचने-समझने की क्षमता को नुकसान पहुंचने का रिस्क 12 प्रतिशत और स्ट्रोक का रिस्क 9 प्रतिशत तक कम हो सकता है.

बता दें कि मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल (MGH), बोस्टन में स्थित 1811 में स्थापित एक मशहूर शैक्षणिक चिकित्सा केंद्र है, जो हार्वर्ड मेडिकल स्कूल का सबसे पुराना और सबसे बड़ा शिक्षण अस्पताल है. यह देश का सबसे बड़ा अस्पताल-आधारित अनुसंधान कार्यक्रम संचालित करता है. ‘यूएस न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट’ द्वारा लगातार शीर्ष अस्पतालों में स्थान पाने वाला MGH, कैंसर, हृदय रोग और तंत्रिका विज्ञान सहित सभी चिकित्सा विशेषज्ञताओं में अत्याधुनिक देखभाल प्रदान करता है।

Memory Loss बचाने के तरीके

ब्रेन एक्सरसाइज

ब्रेन एक्सरसाइज करने से मेमोरी तेज होती है. साथ ही सोचने, समझने और याद रखने की प्रक्रिया में तेजी आती है. ब्रेन एक्सरसाइज के लिए आप सुडोकू, पजल्स या अन्य ब्रेन गेम्स खेल सकते हैं. जिनसे आपकी मेमोरी प्रोसेसिंग बढ़िया होगी. जर्मनी की यूएलएम यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोलॉजी एंड एजुकेशन के रिसर्चर्स की स्टडी बताती है कि पजल्ज गेम्स ब्रेन कॉग्निटिव क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करता है.

मेडिटेशन

मेडिटेशन करने से मेमोरी तेज होती है. आपके दिमाग को सुकून और आराम दोनों मिलता है. मेडिटेशन के दौरान नियंत्रित और धीमा ब्रीदिंग पैटर्न पैरासिम्पेथेटिक सिस्टम को एक्टिव करता है. जिससे तनाव और एंग्जायटी कम करने में मदद मिलती है. मेडिटेशन का यह इफेक्ट आपके ब्रेन और कॉग्निटिव कैपासिटी को बढ़ा सकता है.

पर्याप्त नींद लें

दिमाग को तेज करने के लिए पर्याप्त नींद लेनी जरूरी है. डॉक्टर्स का कहना है कि स्लीप डिसऑर्डर की वजह से भी आपकी मेंटल हेल्थ खराब होती है. खासकर याददाश्त यानि मेमोरी लॉस होने पर असर पड़ता है. इसलिए हर रात 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें. नींद के दौरान दिमाग खुद को रिलैक्स करता है और जो जानकारी आपको नहीं रखनी चाहिए उन्हें मिटा देता है.

यह भी पढ़ें: आंतों में कोलन कैंसर का कारण क्या है? साइंटिस्ट ने किया चौंकाने वाला खुलासा

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

author avatar
Fit Rahe India
Fit Rahe India Desk पर आपको सालों पुराना तजुर्बा और हेल्थ से जुड़ी अहम जानकारी आपको मिलेगी. यहां आपको आपके स्वास्थ संबंधी समस्याओं का समाधान एक्सपर्ट्स की राय के साथ मिलेगा. हमारी टीम अपने पाठकों के लिए न सिर्फ खबरें ब्रेक करने में आगे है, बल्कि हर खबर का विश्लेषण भी करती है.
Fit Rahe India
Fit Rahe India
Fit Rahe India Desk पर आपको सालों पुराना तजुर्बा और हेल्थ से जुड़ी अहम जानकारी आपको मिलेगी. यहां आपको आपके स्वास्थ संबंधी समस्याओं का समाधान एक्सपर्ट्स की राय के साथ मिलेगा. हमारी टीम अपने पाठकों के लिए न सिर्फ खबरें ब्रेक करने में आगे है, बल्कि हर खबर का विश्लेषण भी करती है.
RELATED ARTICLES

हर रात नाभि में नीम और सरसों का तेल लगाते हैं दिलजीत दोसांझ, जानें क्या फायदेमंद है?

Diljit Dosanjh Belly Button Oil: दिलजीत दोसांझ रोज नाभि में नीम और सरसों का तेल लगाते हैं. जानें क्या इसके फायदे वैज्ञानिक रूप से साबित हैं, एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं और इसके नुकसान क्या हो सकते हैं.

Hepatitis Diagnosis: लिवर की ये बीमारी खतरनाक, पहचानें लक्षण

World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस (Hepatitis) एक ऐसी बीमारी है जिसमें लिवर यानि यकृत में सूजन (Inflammation) हो जाती है. यह सूजन कई कारणों से हो सकती है.

तेज हो रही दिल की धड़कन? हो सकता है ये खतरा! जानें बचाव का तरीका

Atrial Fibrillation Symptoms And Causes: एट्रियल फिब्रिलेशन दिल की धड़कन से जुड़ी गंभीर समस्या है. जानें इसके लक्षण, कारण, खतरे और कैसे बढ़ सकता है स्ट्रोक का जोखिम.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

हर रात नाभि में नीम और सरसों का तेल लगाते हैं दिलजीत दोसांझ, जानें क्या फायदेमंद है?

Diljit Dosanjh Belly Button Oil: दिलजीत दोसांझ रोज नाभि में नीम और सरसों का तेल लगाते हैं. जानें क्या इसके फायदे वैज्ञानिक रूप से साबित हैं, एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं और इसके नुकसान क्या हो सकते हैं.

Hepatitis Diagnosis: लिवर की ये बीमारी खतरनाक, पहचानें लक्षण

World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस (Hepatitis) एक ऐसी बीमारी है जिसमें लिवर यानि यकृत में सूजन (Inflammation) हो जाती है. यह सूजन कई कारणों से हो सकती है.

तेज हो रही दिल की धड़कन? हो सकता है ये खतरा! जानें बचाव का तरीका

Atrial Fibrillation Symptoms And Causes: एट्रियल फिब्रिलेशन दिल की धड़कन से जुड़ी गंभीर समस्या है. जानें इसके लक्षण, कारण, खतरे और कैसे बढ़ सकता है स्ट्रोक का जोखिम.

Kids Stomach Pain Treatment: बच्चे को हो रहा बार-बार पेट दर्द? एक्सपर्ट से जानें जरूरी टिप्स

Kids Stomach Pain Treatment: बच्चों में बार-बार होने वाला पेट दर्द कई बार सामान्य नहीं होता. एक्सपर्ट की राय लें. यहां जानें कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

Recent Comments