Impact Of Poor Gut Health: हमारे आसपास ऐसे बहुत से लोग होते हैं जिनके शरीर में गैस, कब्ज और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इन लक्षणों को अक्सर वह खराब पाचन से जोड़कर देखते हैं. उन्हें लगता है उनका पाचन तंत्र सही तरह से काम नहीं कर रहा इसलिए उन्हें इस तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं. लेकिन एक्सपर्ट के मुताबिक उनकी गट हेल्थ खराब होने के संकेत हो सकते हैं.
दरअसल अगर किसी व्यक्ति की गट हेल्थ खराब है तो उसे जल्द से जल्द अलर्ट हो जाना चाहिए क्योंकि खराब गट हेल्थ का असर समय के साथ पूरे शरीर पर दिखाई पड़ता है. अगर समय रहते गट हेल्थ पर ध्यान ना दिया जाए तो भविष्य में उसे गंभीर परिणाम उठाने पड़ सकते हैं. गट हेल्थ के खराब होने से बार-बार गैस, कब्ज, दस्त, बार-बार अपच, एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए अगर किसी को इस तरह के लक्षण नजर आते हैं तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
गट हेल्थ का शरीर पर कैसे पड़ता प्रभाव?
पोषक तत्वों के अवशोषण पर असर
एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति की गट हेल्थ खराब है तो इसका असर शरीर पर भी दिखाई दे सकता है. गट हेल्थ खराब होने से शरीर भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों को नहीं ले पाता. ऐसे में व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है. पेट की आंतों में गुड बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने से पोषक तत्वों का अवशोषण रुक जाता है, जिससे कमजोरी और बीमारियां घेरने लगती हैं. ये सभी मेटाबोलिक, इंफ्लेमेटरी और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालते हैं.
दिल पर असर पड़ता है
रिसर्च के अनुसार, जब आंतों में गुड और बैड बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है, जिसे डिस्बायोसिस (Dysbiosis) कहा जाता है, तो शरीर में सूजन बढ़ सकती है. यह सूजन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है, धमनियों में प्लाक बना सकती है, जिससे हार्ट फेलियर की स्थिति पैदा हो सकती है.
डिस्बायोसिस होने का खतरा
एक्सपर्ट कहते हैं अगर गट हेल्थ खराब है तो शरीर पोषक तत्वों को नहीं ले पाता. ऐसे में डिस्बायोसिस होने का खतरा रहता है. यानि शरीर के अंदर आंतों में रहने वाले अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है.
मेंटल हेल्थ पर असर
रिसर्च के अनुसार, दिमाग और आंतों के बीच लगातार संवाद चलता रहता है, जिसे गट-ब्रेन एक्सिस (Gut-Brain Axis) कहा जाता है. अगर व्यक्ति डिप्रेशन में होता है तो उसके खाने की आदतों में बदलाव हो सकता है. ऐसे में आंतों में रहने वाले बैक्टीरिया की संरचना बदल सकती है. वहीं लगातार डिप्रेशन में रहने से लीकी गट की स्थिति बन जाती है.
गट हेल्थ ऐसे रहेगा मजबूत
गट हेल्थ को मजबूत और बेहतर बनाए रखने के लिए फाइबर से भरपूर खाना खाएं. अपनी डाइट में दही, छाछ, इडली-डोसा बैटर जैसे फर्मेंटेड आहार को अपनी थाली में शामिल करें. ये आहार आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. वहीं गट हेल्थ के लिए दिनभर पानी पिएं, एक्सरसाइज करें. भरपूर नींद लें और स्ट्रेस से दूर रहें.
इन चीज़ों का सेवन ना करें
- गट हेल्थ की सेहत के लिए धूम्रपान और अल्कोहल से दूरी बनाकर रखें.
- जंक फूड और बाहर के खाने से दूरी बनाकर रखें.
- जंक फूड, अधिक चीनी और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें.
एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह पर करें. क्योंकि इनका अनावश्यक इस्तेमाल आंतों के लाभकारी बैक्टीरिया को भी नुकसान पहुंचा सकता है.
कैसे पहचानें गट हेल्थ खराब हो गई है?
गट हेल्थ खराब हो गई है. इसे पहचानना इतना भी मुश्किल नहीं है. ऐसे में आपका शरीर कुछ खास प्रकार के लक्षण दिखाता है. जैसे, बार-बार गैस बनना, पेट फूलना, कब्ज या दस्त की समस्या, अपच, पेट में दर्द या ऐंठन, भोजन के बाद भारीपन महसूस होना और बार-बार एसिडिटी होना इसके सामान्य लक्षण हो सकते हैं. इसके अलावा बार-बार थकान महसूस होना, स्किन संबंधी समस्या, मुंह से बदबू, खाना पचाने में समस्या होना. अगर ये समस्या लगातार बनी हुई है तो आपको डॉक्टर से जांच कराने की जरूरत है.
भूलकर भी इन संकेतों को नजरअंदाज ना करें
- पेट में दर्द होना.
- मल में खून आना.
- बार-बार उल्टी या उल्टी में खून आना.
- पेट फूलना.
- भूख न लगना.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

