JP Nadda on World TB Day 2026: भारत को साल 2027 तक टीबी मुक्त देश बनाना है. सरकार इस ओर लगातार काम करती हुई नजर आ रही है. कई खास कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में 24 मार्च को वर्ल्ड टीबी डे के रूप में मनाया. इस खास अवसर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक नए अभियान को नई धार दी. जानकारी के अनुसार नोएडा में टीबी के प्रति जाग्रुकता फैलाने के लिए एक खास कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इस आयोजन को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने संबोधिक किया.
जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई अन्य विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे. कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि साल 2014 में ट्यूबरक्लोसिस के रिडक्शन के लिए सरकार द्वारा 507 करोड़ खर्च हुए हैं. उन्होंने कहा कि आज ₹6,365 यानि 10 गुना राशि खर्च हुई है. ये जानकारी उन्होंने टीबी को खत्म करने के लिए सरकार का कितना बजट था उसकी जानकारी दी. वहीं अब आर्टिफिशीयल इंटेलिजेंस के आधार पर मशीनों की जांच और इलाज भी संभव हो पा रहा है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस तकनीक से हर मरीज महज छह महीनों में ही ठीक हो रहे हैं. इससे पहले तक दो सालों का समय लगता था.
100 दिनों तक खास अभियान चलाएगी सरकार
आपको बता दें कि देश से टीबी को हमेशा के लिए हटाने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है. इसी क्रम में 100 दिनों का अभियान भी चलाया जा रहा है. इसपर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बोलते हुए कहा कि इन 100 दिनों के अंदर देशभर में टीबी के मीरजों की पहचान आसानी से की जा सकेगी. साथ ही उन्हें समय रहते इलाज उपबल्ध करवाया जाएगा. उन्होंने बताया कि टीबी को खत्म करने के लिए केवल नारे नहीं बल्कि ठोस से ठोस कार्य किए जा रहे हैं.
टीबी मरीजों के स्वास्थ में सुधार लाना
उन्होंने अपने संबोधन में टीबी पोषण पर भी खास चर्चा की. जिसमें जानकारी दी कि टीबी रोगियों के स्वास्थ्य और जीवन में सुधार लाना है. वहीं इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उन्होंने जनभागीदारी और महत्ता पर भी विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति, संस्थान और समुदाय का सहयोग इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने में निर्णायक भूमिका निभाता है. उधर WHO की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई. जिसके मुताबिक मृत्यु दर 25 प्रतिशत घटी और 92 प्रतिशत लोगों को ठिक किया गया है. जानकारी के अनुसार मृत्यु दर में 21 प्रतिशत की गिरावट आई.
यह भी पढ़ें: आंखों से निकला खून और हो गई मौत, 20 साल की लड़की को ऐसा क्या हुआ था? जानें कितनी खतरनाक है ये बीमारी


