Laughing Epilepsy: मिर्गी यानी Epilepsy ये एक माइंड से जुड़ी आम समस्या है. इसमें अचानक दौरे पड़ते हैं. जब कोई व्यक्ति इसका शिकार होता है, तो उसे बेहोशी, शरीर का अकड़ना, झटके लगना, कई बार मुंह से झाग आना. अब तक मिर्गी के बारे में आपको सिर्फ इतना ही पता होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हंसी भी इस बीमारी का संकेत बन सकती है.
हालांकि भारत में इसका इलाज मिल पाना संभव है. जोधपुर के एम्स से इसी तरह का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. डॉक्टरों के सामने एक दुर्लभ केस आया. जिसे ‘लाफिंग एपिलेप्सी’ कहा जा रहा है. यानी हंसने वाली मिर्गी. अब तक इसके चार मरीज सामने आए जिनका सफल इलाज कर लिया गया है. ऐसे में क्या है ये लाफिंग एपिलेप्सी.
दिनभर हंसते रहते थे बच्चे
जानकारी के अनुसार भरतपुर, कोटा और जोधपुर से मामला सामने आया है. जहां 2 से 14 साल के 4 मरीज सामने आए. जिसमें दो छोटे लड़के और दो छोटी लड़कियां शामिल थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये लोग लगातार दिनभर बेवजह ही हंसते रहते थे. जानकारी के अनुसार उनकी ये कंडिशन इतनी सीरियस थी कि दिन में 10 से 20 बार इस तरह के दौरे आते थे. रिपोर्ट्स के अनुसार ये कंडिशन ‘हाइपोथैलेमिक हैमार्टोमा’ जो दिमाग की गांठ होती है, उसके कारण होची है. जानकारी के अनुसार इसका इलाज और पहचान कर पाना दोनों ही काफी मुश्किल है.
कैसे पता चली ये बीमारी?
जैसा की बताया कि इस बीमारी की पहचान कर पाना काफी मुश्किल होता है. वहीं जो बच्चे इसका शकिार हुए उनमें इस कंडिशन का पता ईईजी और MRI जांच करने के बाद पता चला. वहीं ये गांठ हमारे दिमाग की पीयूष ग्रंथि यानी Pituitary Gland Of The Brain के पास बनती है. जिसके कारण बच्चों में कई हार्मोनल बदलाव देखने को मिलते हैं. पास में आंखाें की तंत्रिकाएं भी होती है. इससे आंखों की रोशनी पर भी प्रभाव पड़ सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक साल 2019 में मिर्गी के सर्जरी का कार्यक्रम जारी हो रहा है. अब तक 100 से अधिक सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं.
अचानक हंसने लगता है मरीज
आपको बता दें कि लाफिंग एपिलेप्सी को गेलास्टिक सीजर्स भी कहा जाता है. ये एक ऐसी कंडिशन होती है जहां मरीज अचानक हंसने लगता है. बिल्कुल उस तरह जैसे कि उसने कोई मजाक सुना हो. लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल ये दिमाग के किसी खास हिस्से में शुरू होने वाले दौरे होते हैं. अब इसके लक्षणों में सिर्फ हंसी ही नहीं शामिल होती, बल्कि कई अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं.
जैसे शरीर में अकड़न या फिर बेहोशी होना. अगर समय रहते इलाज कर लिया जाए तो समस्या को ठीक किया जा सकता है लेकिन न मिले तो समस्या बढ़ सकती है. हालांकि ऐसे मरीजों को सिर्फ दवाओं से आराम नहीं मिलता. इसमें सर्जरी की भी जरूरत पड़ती है. जो इस मामले में भी देखा गया. जोधपुर एम्स के डॉक्टरों ने ऐसे ही चार मरीजों की सर्जरी नई तकनीक से की.
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