HomeHealth Newsनॉर्मल समझकर इग्नोर करती रही आंखों का दर्द, निकला माइग्रेन पेन, महीनों...

नॉर्मल समझकर इग्नोर करती रही आंखों का दर्द, निकला माइग्रेन पेन, महीनों तक तड़पती रही महिला

Migraine Pain in Eyes: भागदौड़ भरी लाइफ में लोगों के पास समय नहीं होता. दिनभर काम-काम मीटिंग्स के पीछे भागना इसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है.

Migraine Pain in Eyes: भागदौड़ भरी लाइफ में लोगों के पास समय नहीं होता. दिनभर काम-काम-काम यानी मीटिंग्स के पीछे भागना इस तरह के लाइफस्टाइल का सेहत पर बुरा असर पड़ता है. क्योंकि हम डेली लाइफ में इतना बिजी होते हैं, जिसके कारण हम सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते. एक ऐसा ही केस सामने आया जहां 35 साल की अंजलि को हल्कि दिखने वाली परेशानी ने कब गंभीर रूप ले लिया वो खुद नहीं जानती थी.

दरअसल अंजलि को अपनी आंख के पीछे बहुत गहरा और चुभने वाला दर्द महसूस होता था. ये दर्द इस तरह था कि कोई उसे कोई सुई चुभो रहा हो. यहां तक की ये दर्द कई महीनों तक रहा. इस तरह की तकलीफ जब हमें होती है, तो इसे काफी नॉर्मल मान लेते हैं. साथ ही इसे थकान या फिर स्ट्रेस पर टाल देते हैं. अंजलि ने भी यही समझा. उसे लगा कि काम के अधिक स्ट्रेस स्क्रीन स्ट्रेन के कारण उसे ये समस्या हो रही है.

यह भी पढ़ें: भूलने की आदत बन सकती बड़ी बीमारी, ऐसे पहचानें लक्षण

स्क्रीन स्ट्रेन के कारण हुई ये समस्या?

सभी की तरह अंजलि ने भी इसे काफी नॉर्मल समझा. लेकिन ये नॉर्मल नहीं था. अंजलि को ये दर्द महीने में तीन से चार बार परेशान करता था. जब इस तरह का दर्द आता था तो घंटों या फिर कई दिनों तक ये परेशान करता था. नतीजा अंजलि इस दर्द से पूरी तरह टूट जाती थी. ऐसा नहीं है कि अंजलि ने डॉक्टर से जांच नहीं करवाई. जानकारी के अनुसार उसने दो एक्सपर्ट्स की सलाह भी ली.

डॉक्टरों ने उनकी आंखों की गहराई से जांच की. इसमें उनकी आंखों की पुतलियों को फैलाकर चेक किआ गया और प्रेशर चेक किया गया था. जब इसका रिजल्ट सामने आया तो काफी चौंकाने वाला था. उनकी रिपोर्ट्स काफी नॉर्मल थी. जब रिपोर्ट्स नॉर्मल आती है तो किसी भी व्यक्ति को यही लगेगा कि ये बिल्कुल नॉर्मल है. अंजलि को भी ऐसा ही लगा कि उसकी आंखें ठीक है. लेकिन ये नहीं समझ आ रहा था कि फिर कौन सा दर्द उसे अंदर से तोड़ रहा है.

दर्द के कारण होती थी कई परेशानी

जानकारी मिली कि इस दर्द के कारण अंजलि को काफी परेशानी होती थी. ये दर्द तब और होता था जब वो या तो रात में ठीक से सो नहीं पाती थी, काम के चक्कर में लंच स्किप कर देती थी, बाहर का हाई सॉल्ट वाला खाना खाती थी, ज्यादा तनाव में रहती थी, इस कारण ये दर्ग और भी बढ़ जाता था. हालांकि अंजलि ने इस दर्द को इसलिए भी इग्नोर कर दिया कि आंख का दर्द है. इसलिए ज्यादा चेक नहीं करवाया. वहीं दोस्त ने काफी मनाया जिसके बाद वो न्यूरोलॉजिस्ट से जांच करवानेप पहुंची.

इस कारण हो रहा था दर्द

इस मामले पर अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर सुधीर कुमार ने जानकारी दी. उन्होंने इस एक्सपीरिएंस को शेयर करते हुए कहा कि जब उन्होंने अंजलि के लाइफस्टाइल के बारे में सुन तो इसका असली कारण समझ आया. उन्हें ये दर्द आंख के कारण नहीं बल्कि माइग्रेन के कारण था.

सुनकर हैरानी होगी कि माइग्रेन के कारण आंखों में दर्द शुरू हो गई. माइग्रेन का दर्द कई बार साइनस के रूप में, गर्दन की जकड़न या फिर इस केस की तरह सामने आ सकता है. जिस हिस्से में आप जांच करवाएंगे उसकी रिपोर्ट आपके सामने बिल्कुल नॉर्मल ही आएगी, लेकिन इसके पीछे की वजह अलग हो सकती है. जैसा इस मामले में भी हुआ. इसका मतलब था कि हार्डवेयर यानी आंखें बिल्कुल ठीक था, असल खराबी सॉफ्टवेयर यानी दिमाग में आ गई थी.

लाइफस्टाइल में बदलाव की दी सलाह

वहीं डॉक्टर ने इस मामले के बाद अंजलि को डॉक्टर ने दवाइयां दी और जरूरी लाइफस्टाइल में बदलाव लाने की सलाह दी. इसके बाद अंजलि ने भी काफी बदलावकिए नींद के पैटर्न में बदलाव किया, नियम से दवाइयां ली. धीरे-धीरे समस्या ठीक होती गई.

यह भी पढ़ें: 10 में से 5 लड़कियां PCOS-PCOD बीमारी से परेशान, क्या है इसके पीछे की वजह? जानें बचाव के तरीके

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

sarthak arora
sarthak arora
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
RELATED ARTICLES

Types Of Yogurt: कितनी तरह की होती है दही? खाने से पहले जान लें इसके फायदे-नुकसान

Types Of Yogurt: दही भी कई तरह की होती है. साधारण दही से लेकर फ्लेवर्ड वाली तक. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि कितनी तरह की दही होती है

गेहूं की रोटी खाने से बढ़ता है शुगर,जानें मरीजों को कौन सा आटा खाना चाहिए

Flour For Diabetes: डायबिटीज बीमारी में कौन सा आटा खाना फायदेमंद होगा? किस आटे से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेंगा?

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: मीठे फल बने खतरा!

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: कैमिकल से फल पकाने पर रोक, खून निकलवाकर इंजेक्ट करवा रहे युवा, गर्मियों में बढ़ रही पेट की गर्मी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Types Of Yogurt: कितनी तरह की होती है दही? खाने से पहले जान लें इसके फायदे-नुकसान

Types Of Yogurt: दही भी कई तरह की होती है. साधारण दही से लेकर फ्लेवर्ड वाली तक. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि कितनी तरह की दही होती है

गेहूं की रोटी खाने से बढ़ता है शुगर,जानें मरीजों को कौन सा आटा खाना चाहिए

Flour For Diabetes: डायबिटीज बीमारी में कौन सा आटा खाना फायदेमंद होगा? किस आटे से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेंगा?

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: मीठे फल बने खतरा!

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: कैमिकल से फल पकाने पर रोक, खून निकलवाकर इंजेक्ट करवा रहे युवा, गर्मियों में बढ़ रही पेट की गर्मी.

मीठे फल सेहत के लिए क्यों बन रहे खतरनाक? FSSAI का क्या है कहना? देखें Video

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: फिट रहे इंडिया में आपका स्वागत है. आज हम बात कर रहे हैं सेहत से जुड़े तीन बड़े मुद्दों...

Recent Comments