National Health Research Policy: देश में कैंसर, टीबी, डायबिटीज, हार्ट समस्याएं, मानसिक स्वास्थ्य संबंधित समस्या का सामना करना पड़ रहा है. इन चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार कड़ी तैयारी कर रही है. जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय के अंडर आने वाले डिपार्टमेंट हेल्थ अनुसंधान डिपार्टमेंट यानी (Department of Health Research-DHR) ने रिसर्च पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया है.
रिपोर्ट्स के अनुसार इस ड्राफ्ट में 2047 तक स्वास्थ्य अनुसंधान पर खर्च को मौजूदा स्तर से करीब 6.25 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं इस ड्राफ्ट को अंतिम दिशा और रूप देने के लिए सरकार ने आम नागरिक, साइंटिस्ट, डॉक्टर्स, मेडिकल संस्थान, रिसर्चर्स साथ ही कई पक्षों से सुझाव और राय की मांग की है.
रिसर्च को बढ़ावा देना है
इस नई पॉलिसी पर सरकार का कहना है कि सिर्फ रिसर्च पेपर पब्लिश करना ही उद्देश्य नहीं है. बल्कि ऐसी रिसर्च को बढ़ावा देना है जिसकी मदद से नई दवाएं, वैक्सीन, जांच तकनीक यहां तक की तेजी से इलाज आम लोगों तक पहुंचाया जा सके. जारी हुई ड्राफ्ट नीती के तहत आने वाले कुछ सालों में अनुसंधान का पूरा फोकस उन बीमारियों पर रहने वाला है. जिनका देश में सबसे अधिक बोझ है. वो बीमारियां है जैसे कैंसर, टीबी, डायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम, मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम, मातृ और शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस, कंटेजियस रोग, बुजुर्गों से जुड़ी बीमारियां शामिल हैं. सरकार समय-समय पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान एजेंडा तैयार करेगी, ताकि जरूरत के मुताबिक प्राथमिकताएं तय की जा सकें.
यहां पढ़ें ड्राफ्ट: https://www.dhr.gov.in/static/uploads/2026/07/cd80b4d9af184586ae68364fc94849ad.pdf
MRU का किया जाएगा विस्तार
जानकारी के अनुसार इस नई नीति के तहत देशभर के मेडिकल कॉलेज में मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट यानी MRU का विस्तार किया जाएगा. इतना ही नहीं डायग्नोस्टिक लैब को अपग्रेड किया जाएगा. ये हीं लैब है जिसमें वायरस की जांच और रिसर्च की जाती हैं. इन्हें अपग्रेड करते हुए इंफेक्शियस डिजीज रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब IRDL बनाया जाएगा. जिससे की बैक्टीरिया, फंगस, परजीवी से होने वाली बीमारियों पर रिसर्च आसानी से हो सकेगी.
AI को दिया जाए बढ़ावा
वहीं इस नई पॉलिसी में स्टार्टअप, मेडिकल कॉलेज, रिसर्च इंस्टीट्यूशंस की हेल्प से अपने देश में बनाई गई दवाएं, वैक्सीन, मेडिकल डिवाइस, डायग्नोस्टिक किट और उनके डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है. नई पॉलिसी में AI, जीनोमिक्स, डिजिटल हेल्थ डेटा और राष्ट्रीय रोग रजिस्ट्रियों का उपयोग बढ़ाने का प्रस्ताव भी है.
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