Anxiety Relief Exercises: आज का समय भागदौड़ भरा है. समय पर ऑफिस आना, स्कूल जाना या फिर घर और ऑफिस का वर्कलोड दोनों तरह की जिम्मेदारियों को संभालने में अक्सर अचानक एंग्जायटी होने लगती है. ये अचानक होने वाली एंग्जायटी सीधा दिमाग पर असर डालता है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि जब एंग्जायटी अचानक ट्रिगर करने लगे तो बैचेनी महसूस होने लगती है. वहीं अगर ये बैचेनी ज्यादा बढ़ जाए तो आपको पैनिक अटैक (Panic Attack) तक आ सकते हैं. इसलिए इस तरह की समस्या को कंट्रोल करने के लिए आप कुछ शारीरिक गतिविधियां कर सकते हैं. ये एक्टिविटी एंग्जायटी को कंट्रोल करने में मदद करेंगी.
क्या होती है एंग्जायटी? | What is anxiety?
एंग्जायटी (Anxiety) एक मानसिक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति अपनी जिंगदी, काम या रिश्तों से जुड़ी चीज़ों को सोचता है. इस स्थिति में व्यक्ति को किसी स्थिति, भविष्य या अनिश्चित घटना को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंता, डर या घबराहट महसूस होने लगती है. एंग्जायटी डिसऑर्डर के लक्षण हैं, बेचैनी, दिल की धड़कन तेज होना, पसीना आना, सांस फूलना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और नींद न आना शामिल हो सकते हैं.
एंग्जायटी कम करने के लिए करें ये एक्टिविटी
तेज चाल से चलना
अगर आपको भी कभी-कभार पैनिक अटैक आते हैं. तो आप तेत चाल से चलने वाली एक्टिविटी कर सकते हैं. इसे करने के लिए आपको ज्यादा समय नहीं लगेगा, बल्कि रोजाना सुबह का 15-20 मिनट का समय निकाले और अपनी घर की छत पर तेज चाल से चलने वाली एक्टिविटी करें. ये एक्टिविटी आपके तनाव को कम करने में मदद करेगी. इसके अलावा आप पार्क या खुले स्थान में भी तेज चाल से भी चल सकते हैं.
दौड़ना या जॉगिंग करना
एंग्जायटी को कम करने के लिए आप दौड़ना या फिर जॉगिंग जैसी एक्टिविटी भी कर सकते हैं. वहीं जो लोग दौड़न नहीं सकते वह जॉगिंग करें. इसके लिए सुबह और शाम का समय निकाले और 10 से 15 मिनट जॉगिंग को दें. एक्सपर्ट कहते हैं कि दौड़ने और जॉगिंग जैसी एक्टीविटी से शरीर में एंडोर्फिन नाम का हार्मोन रिलीज होता है जो मन पर पॉजीटिव असर डालता है, मन खुश करता है. चिंता, डिप्रेशन, एंग्जायटी को कम करने में मदद करता है.
ताई ची
ताई ची, नाम सुनने में ही विदेशी है. जी हां, ये एक चीनी एक्सरसाइज है. धीमी गति से की जाने वाली एक पारंपरिक एक्सरसाइज है. इस एक्सरसाइज में हल्के-फूल्के शारीरिक मूवमेंट, गहरी सांस लेना औक मेडिटेशन का संतुलन जरूरी है. यह एक्सरसाइज मन और शरीर दोनों पर प्रभाव डालती है. मन शांत करती है. फोकस बढ़ाती है और घबराहट कम करने में मददगार है. रोजाना करने से शरीर में तनाव वाले हार्मोन जैसे कोर्टिसोल का स्तर घटता है. इसलिए इस एक्सरसाइज को भी आप अपने लाइफस्टाइल में शामिल कर सकते हैं.
अनुलोम-विलोम योग
अनुलोम-विलोम गहरी सांस की प्रक्रिया है. जब गहरी सांस ली जाती है तो मन शांत होता है. तनाव कम होता है. ऐसे में ये सीधा एंग्जायटी पर असर डालता है. अनुलोम-विलोम करने के लिए आप किसी शांत जगह पर बैठ जाएं. इसके बाद एक को अपने घुटने पर रखें, दूसरे हाथ से नाक को बंद करें, जो नाक खुला है उससे गहरी सांस लें. और दूसरे से छोड़े. इस प्रक्रिया को आराम से करें. और अपनी बारी-बारी नाक से सांस लेने की प्रक्रिया को दोहराएं.
आपको बता दें कि एंग्जायटी बढ़ने से शरीर का ‘फाइट और फ्लाइट’ (fight-or-flight) मोड ऑन हो जाता है. ऐसे में दिल तेज गति से धड़कता है और सांस फूलने लगती है. अगर एंग्जायटी बढ़ने लगे तो बेचैनी ज्यादा बढ़ जाती है दिल का दौरा पड़ने जैसा गंभीर नुकसान देखने को मिलते हैं. इसलिए आपनी डेली रूटीन में कुछ एक्टिविटी जरूर शामिल करें.
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FAQs
सवाल:कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
जवाब: यदि एंग्जायटी या पैनिक अटैक बार-बार हो, रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे या लक्षण गंभीर हों, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत सलाह लें.
सवाल: क्या पैनिक अटैक और एंग्जायटी एक ही हैं?
जवाब: नहीं। एंग्जायटी लंबे समय तक रहने वाली चिंता हो सकती है, जबकि पैनिक अटैक अचानक होने वाला तीव्र डर और घबराहट का दौरा होता है.
सवाल: एंग्जायटी में मन शांत करने के लिए क्या करें?
जवाब: अनुलोम-विलोम, ताई ची, मेडिटेशन, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज और हल्की वॉक जैसी एक्टिविटी करें.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

