Neck And Shoulder Pain In Young Adults: पहले के समय में बुजुर्ग लोग ही गर्दन में दर्द, कंधों में दर्द की शिकायत लेकर आते थे. उन्हें सबसे अधिक ये समस्या सताती थी. लेकिन समय बदला और दर्द ने अपनी जगह भी बदल ली है. यानी बुजुर्ग तो अब भी इस समस्या का शिकार हैं, लेकिन उसके साथ-साथ युवा भी तेजी से इसका शिकार होते जा रहे हैं. युवाओं में भी तेजी से कंधों का दर्द उठना शुरू हो चुका है.
हैरानी की बात इसलिए भी है क्योंकि 20 से 30 साल वाले युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं. जो एक बेहद चिंता का विषय है. हालांकि एक्सपर्ट्स लगातार सलाह देते हैं कि इससे बचने के लिए लाइफस्टाइल में सुधार लाओ. हेल्दी खाना खाओ. तमाम चीजें आपको बताई जाती है. लेकिन क्या उसका पालन हर कोई कर रहा है? हालांकि इसका जवाब साफ है नहीं. तभी इस तरह की समस्या हो रही है. लेकिन फिर भी ये जान लेते हैं कि आखिर वो कौन सी आदत है जो इस समस्या की चपेट में आपको डाल रही है. फिट रहे इंडिया ने इसपर नोएडा में मेदांता हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जन डॉक्टर दीपक लोहिया से खास बातचीत की. उन्होंने क्या कहा आइए जानते हैं.
टेक्स्ट नेक सिंड्रोम
क्योंकि टेक्नोलॉजी का जमाना है. हाथों में फोन, गोद में लैपटॉप और सिर नीचे की ओर झुका-झुका सा रहता है. इस तरह हर व्यक्ति घंटों इन गैजेट्स पर बिता देते हैं. ऐसा करने से टेक्स्ट नेक सिंड्रोम की समस्या हो सकती है. ये समस्या तब होती है जब युवा लगतार अपनी गर्दन को आगे और नीचे की ओर झुकाकर रखते हैं. ऐसे पोश्चर में बैठने से ही रीढ़ की हड्डी पर प्रेशर पड़ता है. मसल्स खिंचती है. नतीजा ये समस्या हो जाती है. हालांकि अगर काम जरूरी है तो अपने पोश्चर में बदलाव जरूर करें.
वर्क फ्रॉम वाली आदत
घर पर बैठकर काम करना. कितना अच्छा लगता है न ये सुनना. लेकिन युवाओं की वर्क फ्रॉम होम की आदत ने कंधों में दर्द की समस्या को बढ़ा दिया है. आप घर में आरामदायक पोजिशन में बैठने की कोशिश करते हैं. उल्टे-सीधे बैठकर काम करते हैं. नतीजा जब लगातार सिर नींचे की ओर झुकता है तो कंधों और रीढ़ की हड्डी थक जाती है. क्योंकि आप गलत पोजिशन में बैठते हैं. नतीजा आपके दर्द शुरू हो जाता है.
तीसरा और सबसे बड़ा कारण
अब आप लगातार एक ही जगह बैठकर काम करेंगे. फिजिकल एक्टीविटी में कमी आएगी. आप आलसी होते जाएंगे. रेगुलर एक्सरसाइज छूटी. अगर ऐसी आदत बनी रहती तो सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. लेकिन लोग वर्कआउट के लिए बचते हैं. लंबे समय तक एक्सरसाइज न करने से पीठ में दर्द, गर्दन और कंधों में समस्या से मसल्स कमजोर हो जाती है. मांसपेशियों में मजबूती न होने के कारण खिंचाव या दबाव पैदा होने लगता है, जिससे गर्दन और कंधे में दर्द और जकड़न बढ़ जाती है.
बचाव के क्या तरीके हैं?
इससे बचाव के तरीकों की अगर बात करें तो वो हैंः
- जरूरत न हो तो हर समय फोन पर न बिताएं
- लैपटॉप को आंखों के ही लेवल पर रखें
- पोश्चर ऐसा रखें कि आपके कंधे और गर्दन प्रेशर फील न करें
- रोजाना एक्सरसाइज करें, जिससे की मसल्स स्टिफ न हो.
- हमेशा सही और कंफर्टेबल चेयर पर बैठें
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

