World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस (Hepatitis) एक ऐसी बीमारी है जिसमें लिवर यानि यकृत में सूजन (Inflammation) हो जाती है. यह सूजन कई कारणों से हो सकती है, लेकिन इसका सबसे आम कारण वायरस संक्रमण होता है. इस बीमारी के कई रूप होते हैं. हेपेटाइटिस A, B, C, D और E होते हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि हेपेटाइटिस को साइलेंट बीमारी भी कहा जाता है. वहीं एक वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) आंकड़ों के मुताबिक, दुनियाभर में लगभग 4 करोड़ (40 मिलियन) लोग क्रॉनिक हेपेटाइटिस B से संक्रमित हैं, जबकि करीब 60 लाख से 1.2 करोड़ (6–12 मिलियन) लोग हेपेटाइटिस C के साथ जी रहे हैं.
वहीं, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, भारत की सामान्य आबादी में हेपेटाइटिस B की संक्रमण दर औसतन 3–4% है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में यह 1.1% से 12.2% तक हो सकती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि समय पर बीमारी के लक्षण पता नहीं चल पाते जिसके कारण मौतों को आंकड़ा बढ़ता जाता है.
कौना-सा हेपेटाइटिस खतनाक?
वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे पर जानें कि आप कौन-सा प्रकार ज्यादा खतरनाक होता है. हेपेटाइटिस एक लिवर से जुड़ी बीमारी है. वहीं अगर हेपेटाइटिस बी और सी दोनों संक्रमण के समय पर लक्षण और इलाज ना पता चल पाए तो यह गंभीर रूप ले लेती है. यह धीरे-धीरे लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर या लिवर कैंसर (Hepatocellular Carcinoma) तक के गंभीर रूप ले लेती है.
हेपेटाइटिस B क्या है?
बता दें कि हेपेटाइटिस बी एक संक्रमित बीमारी है. यानि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है. लेकिन यह सामान्य रूप से हाथ मिलाने, गले मिलने, साथ बैठने, खाना शेयर करने या खांसने-छींकने से नहीं फैलती. यह बीमारी हेपेटाइटिस B वायरस (HBV) के कारण होती है, जो सीधा व्यक्ति के लीवर पर असर डालती है.
हेपेटाइटिस B संक्रमित खून, असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई और संक्रमित मां से बच्चे में फैल सकता है. यह संक्रमण लंबे समय तक रहने पर लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर का कारण बन सकता है. अक्सर शुरूआत में इसके लक्षण नजर नहीं आते. बाद में थकान, भूख कम लगना, मतली, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द, गहरे रंग का पेशाब, पीलिया और जोड़ों में दर्द हो सकता है.
हेपेटाइटिस C क्या है?
हेपेटाइटिस C एक वायरल बीमारी है. यह (HCV) वायरस के कारण होती है. ये मुख्य रूप से संक्रमित खून के संपर्क से फैलती है. किसी संक्रमित सुई का इस्तेमाल करने से, संक्रमित ब्लड , किसी ऐसे उपकरण जो खून के संपर्क में पहले हैं. हालांकि, सामान्य सामाजिक संपर्क जैसे हाथ मिलाने, गले मिलने, साथ खाना खाने या खांसने-छींकने से यह नहीं फैलता. अगर समय पर इसका इलाज नहीं किया जाए तो ये गंभीर रूप ले सकता है. समय के साथ इसके लक्षण नजर आते हैं. लगातार थकान, कमजोरी, भूख कम लगना, मतली, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द, गहरे रंग का पेशाब, स्किन और आंखों का पीला पड़ना, वजन घटना और शरीर में खुजली जैसे लक्षण नजर आते हैं.
हेपेटाइटिस B और C से बचाव के तरीके
- हेपेटाइटिस B और C से कैसे बचें?
- हेपेटाइटिस B की वैक्सीन जरूर लगवाएं. एक्सपर्ट कहते हैं ये बचाव का सबसे असरदार तरीका है.
- सुरक्षति, साफ ब्लड चढ़वाएं.
- कभी भी इंजेक्शन, सुई और सिरिंज कभी भी साझा (Share) न करें.
- असुरक्षित यौन संबंध से बचें.
- टैटू या पियर्सिंग केवल लाइसेंस प्राप्त और स्वच्छ केंद्र से ही करवाएं.
- गर्भवती महिलाएं Hepatitis B और C की जांच कराएं.
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज करवाएं.
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