Char Dham Yatra Deaths: 19 अप्रैल 2026 से चारधाम यात्रा की शुरुआत हुई थी. अब तक कई श्रद्धालु इस यात्रा पर निकल चुके हैं. लेकिन यात्रा को लेकर एक बड़ी चिंता सामने आई है. दरअसल 39 दिनों के अंदर 105 श्रद्धालुओं की मौत के आंकड़े सामने आ चुके हैं. जिसके बाद से ही प्रशासन और हेल्थ डिपार्टमेंट की काफी चिंता बढ़ चुकी है. इसे देखते हुए एडवाइजरी भी जारी की गई है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन 104 यात्रियों की मौत हेल्थ खराब होने के कारण हुई. हालांकि एक यात्री की मौत प्राकृतिक आपदा के कारण हुई थी. चौंकाने वाली बात है कि सबसे अधिक मौत के आंकड़े सामने आए केदारनाथ धाम से. यहां से सबसे अधिक मौत दर्ज हुई है. इसी परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है और यात्रियों के लिए खास एडवाइजरी भी जारी की है.
कितने यात्रियों ने किए दर्शन?
आंकड़े बताते हैं कि अब तक चारधाम यात्रा में 23 लाख से भी अधिक श्रद्धालु पहुंचे और उन्होंने दर्शन किए हैं. ये आंकड़ा खुद सरकार की ओर से जारी किया गया है. वहीं हर साल की तरह ही इस साल भी बड़ी संख्या में लोग बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. लेकिन इस बीच कई यात्रियों के स्वास्थ्य खराब होने की भी कई जानकारी सामने आ रही है. कुछ ऐसे मामले भी सामने आ चुके हैं जो जानलेवा साबित हो रहे हैं.
क्यों हो रही अधिक मौतें?
सभी जानते हैं कि चारों धाम की ऊंचाई करीब 3 हजार मीटर या फिर उससे भी अधिक है. ऐसे में ऊपर हिमालय क्षेत्र में मौसम काफी मुश्किल और तय नहीं होता कि ऐसा ही रहेगा. वहां ऑक्सीजन की भी कमी रहती ही है. तापमान अचानक गिर सकता है. कई बार बरिश, बर्फबारी हो जाती है. ऐसी मुश्किल कंडिशन में एक नॉर्मल व्यक्ति का शरीर खुद को ढाल पाए इतना आसान हर किसी के लिए नहीं होता. दरअसल एक्सपर्ट्स भी ऐसा मानते हैं कि कई लोग मैदानी इलाकों से यहां आते हैं. जहां टेंप्रेचर 40 से 48 डिग्री तक रहता ही है. जिसके कारण अगर अचानक ठंडे और कम ऑक्सीजन वाले इलाकें में अचानक से चले जाएं तो शरीर पर अधिक प्रेशर बढ़ जाता है. जिसके कारण कई तरह की तकलीफें होने लगती हैं. जिसमें चक्कर आना, सांस लेनें दिक्कत और भी कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होती हैं.
किस कारण हुईं मौते?
अब अगर कारण पूछा जाए कि आखिर कैसे और किस कारण से मौतें हुई तो इसपर हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से जानकारी मिली कि अधिकतर मौतों का कारण हार्ट अटैक था. दरअसल हार्ट संबंधित समस्या में व्यक्ति का ब्लड प्रेशर या तो अचानक हाई हो जाता है या फिर लो हो जाता है. इतना ही नहीं शुगर की बीमारी से ग्रसित व्यक्ति के लिए भी ये यात्रा रिस्की हो सकती है. ऐसे लोगों को चढ़ने में कठिनाई, ठंड के कारण शरीर पर अधिक प्रेशर पढ़ना इस तरह की कंडिशन होती है जो गंभीर भी हो सकती है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस पूरे मामले पर उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का बयान भी सामने आया है. मंत्री के अनुसार इन यात्रा को लेकर पहले ही डिटेल्ड एडवाइजरी जारी की जा चुकी थी. उन्होंने अब फिर से लोगों से अपील की है कि जो लोग गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं ऐसे लोग यात्रा करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले. पहले मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाएं उसे अपने साथ ही रखें और जरूरी दवाएं भी अपने साथ रखें.
यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप भी यात्रा करने का सोच रहे हैं, तो ये कुछ सावधानियां है, जिनका आपको जरूर पालन करना चाहिए. जैसे यात्रा से पहले अपना चेकअप करवाें, चढ़ाई करते समय धीरे-धीरे चढ़ाई करें, जल्दबाजी न करें, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, खाना खाते रहें, ऊंचाई पर रुक-रुककर शरीर को परिस्थिती के अनुकूल बनाने की कोशिश करें. किसी भी तरह की असुविधा लगे तो मेडिकल सपोर्ट जरूर लें.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

