MASLD-Liver Disease: लिवर से जुड़ी एक गंभीर बीमारी सामने आई है. मेटाबोलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टियोटोटिक लिवर डिजीज. यह बीमारी लिवर को अंदर ही अंदर सड़ा देता है. इस बीमारी का पता चलने में कई साल लग जाते हैं, वहीं ये बीमारी चुपचाप होने वालों में एक है. ये बीमारी तब होती है जब लिवर में एक्सट्रा फैट जमा हो जाता है. एक्सट्रा फैट होने से लिवर में इंफ्लामेशन और छाले पड़ने शुरू हो जाते हैं.
वहीं लोगों को लगता है कि सिर्फ शराब पीने वालों का लिवर खराब होता है. लेकिन ऐसा नहीं है सिर्फ लिवर शराब पीने वालों का खराब होता है, बल्कि जो लोग मौटापे का शिकार हैं, वायरल हेपेटाइटिस (A, B, C), और असुरक्षित जीवनशैली अपनानों का भी लिवर खराब हो सकता है. इसके अलावा आनुवंशिक विकार, रसायनों के संपर्क में आना, और कुछ दवाओं का अधिक सेवन करने से भी लिवर खराब होने का ज्यादा चांस रहता है.
स्टडी में हुआ खुलासा
वहीं कुछ अध्ययन बताता है कि टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों का भी लिवर खराब होने के ज्यादा चांस होते हैं. अध्ययन में बताया गया है कि जिन लोगों को टाइप 2 डायबिटीज है उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है. अध्ययन में मेटाबोलिक डिसफंक्शन- एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) शब्द का उपयोग किया गया है. ये बीमारी तब बढ़ जाती है जब शरीर में मेटाबोलिक गड़बड़ियां जैसे मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस लिवर में अत्यधिक फैट जमा कर देती हैं. शुरू में इस स्थिति का पता नहीं चल पाता और ये बीमारी सामान्य लगती है. लेकिन समय के साथ-साथ ये फाइब्रोसिस का रूप ले लेती है. यही प्रक्रिया आगे बढ़कर सिरोसिस में बदल सकती है, जो लिवर की स्थायी और खतरनाक नुकसान पहुंचा सकती है.
किन लोगों को इस बीमारी के होने का खतरा?
एमएएसएलडी लिवर बीमारी उन लोगों को होने का खतरा रहता है, जो मेटाबोलिक से जुड़ी बीमारी से जुझ रहे होते हैं. जैसे, मोटापा, हाई ब्लड शुगर या हाई ब्लड प्रेशर तो उन्हें एमएएसएलडी होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. स्टडी बताती है कि जब लिवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगे और इसके साथ ही शरीर में मेटाबोलिक से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है. इसिलए जो लोग लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों से ग्रस्त है उन्हें ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है.वहीं जो लोग मोटे हैं और टाइप 2 डायबिटीज के शिकार है, उन्हें भी लिवर की सेहत के प्रति ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है. क्योंकि टाइप-2 डायबिटीज या मोटापे के साथ पेट के पास ज्यादा चर्बी जमी होने लगती है.
लिवर को कैसे रखें हेल्दी
लिवर को हेल्दी रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और खराब आदतों से परहेज करना सबसे महत्वपूर्ण है। लिवर हमारे शरीर का एक मुख्य अंग है जो रक्त को साफ करने और भोजन को पचाने में मदद करता है. हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज करें और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करनी चाहिए. वहीं हरी पत्तीदार सब्जियों, ताजे फल, साबुत अनाज, सीड्स, ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


