HomeHealth NewsSehat Ki Khabar Fit Rahe India: अब डेंगू जानलेवा नहीं!

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: अब डेंगू जानलेवा नहीं!

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: नमस्कार फिट रहे इंडिया की लेटेस्ट अपडेट में आपका स्वागत है. अब डेंगू से नहीं होगी मौत.

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: नमस्कार फिट रहे इंडिया की लेटेस्ट अपडेट में आपका स्वागत है. अब डेंगू से नहीं होगी मौत, जल्द ही 3 से 5 साल में आने वाला है बड़ा इलाज. इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के पहले सेगमेंट में. बार-बार हो रहा बुखार? कहीं ये मलेरिता तो नहीं कैसे करें पहचान इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में. भारत में सस्ती और अच्छी क्वालिटी की दवाएं उपलब्ध की जाएगी.इसपर पर बात करेंगे सेहत की खबर के तीसरे और आखिरी सेगमेंट में चलिए शुरू करते हैं.

यहां देखें VIDEO

पहले सेगमेंट में जानेंगे डेंगू बीमारी का टीकाकरण उपलब्ध कराया जाएगा

भारत सरकार स्वास्थ के क्षेत्र में तेजी से काम कर रही है.. इसी कड़ी में डेंगू जैसी गंभीर बीमारी को लेकर तैयारी जारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले कुछ समय में देश में न सिर्फ डेंगू का टीका उपलब्ध करवाया जाएगा, बल्कि इसका सस्ता और असरदार इलाज उपलब्ध करवाने की योजना की जा रही है.

कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले 3 से 5 साल के अंदर भारत में डेंगू के इलाज के नए तरीके मरीजों तक पहुंचाए जा सकते हैं. जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक डेंगू को लेकर खास दवा मौजूद नहीं थी. लेकिन जल्द इस दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है.

डेंगू के इलाज के लिए पहले अस्पताल में भर्ती होने तक की नौबत आती थी. लेकिन अब नई वैक्सीन को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि इस वैक्सीन को ऐसे तैयार किया जा रहा है कि मरीज को संक्रमण के शुरुआती 4 से 5 दिन में अगर वैक्सीन दी जाए तो उसे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होगी. हालांकि इंजेक्शन और खाने वाली दवा पर फिलहाल रिसर्च चल रही है.

जानकारी के अनुसार इस रिसर्च को भारत की कई रिसर्च संस्थाएं और इंटरनेशनल संगठन मिलकर काम कर रहे हैं. खासतौर पर ड्रग फॉर नेगलेक्टेड डिजीज इनीशिएटिव (DNDi) और ट्रांसलेशन हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (THSTI) जैसी संस्थाएं ही दवाओं के टेस्ट और उनकी डेवलपिंग में खास भूमिका निभा रही हैं.

इसी के साथ सिर्फ इलाज ही नहीं, डेंगू वैक्सीन पर भी तेजी से काम हो रहा है. जानकारी के अनुसार हाल ही में एक विदेशी कंपनी की वैक्सीन को भारत में 4 से 60 साल के लोगों के लिए मंजूरी मिल चुकी है. इसके अलावा भारत की अपनी वैक्सीन “DengiAll” भी अंतिम चरण के ट्रायल में है, जिसे 2027 तक लॉन्च किया जा सकता है.

वहीं भारत में डेंगू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, और यह दुनिया के सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल हैं. साल 2023 में ही देश में करीब 2 लाख से ज्यादा मामले सामने आए थे. हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि असली संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है. कुल मिलाकर, डेंगू से लड़ाई में भारत अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है.जहां आने वाले समय में लोगों को बेहतर इलाज, सस्ती दवाएं और प्रभावी वैक्सीन मिल सकती है.

अब बढ़ते हैं सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में

आजकल मौसम कब बदल जाए ये कोई नहीं कह सकता. मौसम का बदलना अब हर किसी के लिए नॉर्मल होता जा रहा है.. लेकिन ये सेहत के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे मौसम में कोई भी बीमारी की चपेट में आ सकता है.

वहीं अगर बरसात के मौसम के समय में आपको बुखार आए और बार-बार होने लगे इसी के साथ जोड़ो में और पैरों में दर्द होने लगे तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए,. क्योंकि ये मच्छरों के कारण होने वाली समस्या हो सकती है. क्योंकि मच्छरों से डेंगू या मलेरिया यहां तक की चिकनगुनिया भी हो सकता है.

हालांकि जब हमें बुखार आता है तो हम इसे काफी नॉर्मल समझ लेते हैं और इग्नोर भी करते हैं.. लेकिन अगर लगातार बना रहे तो ये बड़ी परेशानी बन सकता है.. क्योंकि बार-बार बुखार आना, ठंड लगना, कंपकंपी होना, पसीने आना या फिर कमजोरी भी हो रही है तो सतर्क हो जाइए. कहीं ये मलेरिया का संकेत न हो.

मलेरिया से होने वाले बुखार और इसके प्रति लोगों को जाग्रुक करने के लिए हर साल 25 अप्रैल को वर्ल्ड मलेरिया डे के रूप में मनाया जाता है. आपको बता दें कि मलेरिया को लेकर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि अगर बुखार हो रहा है तो हम ये पहचान सके कि ये मलेरिया है या फिर नॉर्मल फीवर.

WHO की साल 2023 की रिपोर्ट में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में मलेरिया के लगभग 26 करोड़ से भी अधिक मामले सामने आए…चौंकाने वाली बात है कि इन 26 करोड़ में से 5.97 लाख लोगों की मौत भी हुई…क्योंकि मलेरिया को लेकर लोगों में देखी जा रही लापरवाही सबसे ज्यादा भारी पड़ रही है.

मलेरिया सिर्फ एक साधारण बुखार नहीं, बल्कि एक परजीवी संक्रमण है, जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है…यह शरीर में जाकर रेड ब्लड सेल्स को प्रभावित करता है और धीरे-धीरे व्यक्ति को गंभीर रूप से कमजोर होता जाता है..मलेरिया का अगर सही से इलाज न किया जाए तो इससे ऑर्गन फेलियर तक का खतरा हो सकता है.

लक्षणों की अगर बात की जाए तो एक्सपर्ट्स बताते हैं कि मलेरिया के शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं.. जैसे बुखार आना.. लोगों को सिर और बदन में दर्द, थकान, भूख न लगना.. इसी के साथ बुखार की दिक्कत भी हो सकती है. यही कारण है कि कई लोग इसे वायरल या मौसम बदलने वाला फीवर मान लेते हैं… लेकिन मलेरिया में बुखार का पैटर्न अलग हो सकता है…यही कारण है कि ये समझना जरूरी है कि आपको जो बुखार हो रहा है उसका कारण क्या है?

अब बढ़ते हैं सेहत की खबर के तीसरे सेगमेंट में

भारत में दवाओं की क्वालिटी, रिसर्च और मरीजों की सुरक्षा को बेहतर करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं…. अब इसी कड़ी में इंडियन फार्माकोपिया कमीशन (Indian Pharmacopoeia Commission) ने फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल्स ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) और फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च हाजिपुर (NIPER) के साथ एक अहम समझौते (Mou) साइन किए हैं.

इन समझौतों के अनुसार अब देश में सस्ती और अच्छी क्वालिटी की दवाएं उपलब्ध होंगी…. यही इस समौझेते का मकसद भी है. साथ ही रिसर्च को बढ़ावा देना और मरीजों की सुरक्षा को मजबूत बनाना है..

सवाल आता है कि आखिर किन दवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम चल रहा है, तो इसमें IPC और PMBI द्वारा किए गए समझौते के तहत जो दवाएं जन औषधि केंद्रों पर मिलती हैं, उनकी क्वालिटी को और बेहतर करने का कार्य किया जाएगा…इतना ही नहीं समय-समय पर दवाओं के सैंपल लेकर उनकी जांच IPC द्वारा की जाएगी….साथ ही, इन केंद्रों पर सही तरीके से दवाओं के इस्तेमाल (Rational Use) को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि मरीजों को सही दवा सही तरीके से मिल सके….

वहीं दवाओं के साइड इफेक्ट्स होते हैं, जिसकी जानकारी देने के लिए भी खास कदम उठाए जाने वाले हैं. समझौतों के तहत जन औषधि केंद्रों पर एक खास तरह का QR कोड लगाया जाएगा.

साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी लगाया जाएगा. इससे लोग अपनी शिकायत आसानी से पहुंचा सकेंगे या फिर किसी जानकारी को साझा कर पाएंगे. ऐसे कदमों से मरीजों की सुरक्षा और भी मौजूद होगी. साथ ही फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य से जुड़े लोगों के लिए ट्रेनिंग और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.

वहीं ये समजौता रिसर्च और शिक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित है. यानी इस साझेदारी से नई दवाएं, बायोलॉजिक्स और एडवांस थेरेपी. जैसे सेल और जीन थेरेपी पर रिसर्च की जाएगी. इसी के साथ दवाओं में मौजूद हानिकारक तत्वों की पहचान और उनके असर को समझने पर काम भी किया जाएगा.

ताकि दवाओं के लिए बेहतर और सुरक्षित मानक तय किए जा सकें. दोनों संस्थान मिलकर ट्रेनिंग, वर्कशॉप, सेमिनार और रिसर्च प्रोग्राम भी आयोजित करेंगे. साथ ही, छात्रों के लिए इंटर्नशिप और फेलोशिप के मौके भी बढ़ाए जाएंगे, जिससे फार्मेसी के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. कुल मिलाकर, ये समझौते भारत के हेल्थकेयर सिस्टम को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं, जिससे लोगों को बेहतर, सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज मिल सकेगा.

यह भी पढ़ें: डेंगू से अलग होता है मलेरिया, जानें लक्षण और बचने के उपाय

यहां देखें VIDEO:

sarthak arora
sarthak arora
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
RELATED ARTICLES

सेक्स पावर बढ़ाने के लिए खाई दवाई, ओवरडेज से हुई युवक की मौत! जानें ऐसी दवा कितनी सुरक्षित?

Gurugram Death Rohit Lal: हरियाणा के गुरुग्राम से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया. दरअसल एक 29 साल के युवक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई.

घंटो स्क्रॉल करते-करते पड़ गई आदत? दिमाग पर पड़ रहा गंभीर असर!

Endless scrolling Side Effects: क्या आपका भी समय इंस्टाग्राम पर वीडियो स्क्रॉल करने में निकल जाता है? ये आपके दिमाग पर असर डाल सकता है.

क्या होती है बिब्लियोथेरेपी? बिना किसी दवा के दूर कर सकती डिप्रेशन; जानें कैसे?

Bibliotherapy Benefits: क्या आप स्ट्रेस या फिर एंग्जाइटी की समस्या को बिना किसी दवाओं के माध्यम से ठीक करना चाहते हैं?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

डेंगू के खिलाफ दुनियाभर में चल रही रिसर्च, कम होंगे मौत के आकड़ें, देखें Video

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: फिट रहे इंडिया में आपका स्वागत है. सेहत की खबर की वीडियो में हम बात करेंगे दिनभर की...

बच्चे को बार-बार आता बुखार, इन दवाओं का सेवन रहेगा सुरक्षित, डॉक्टर ने दी जानकारी

Fever Causes in Kids: बच्चों को बार-बार बुखार क्यों आता है? क्या है इसके पीछे के बड़े कारण. इस सभी सवालों के जवाब को...

सेक्स पावर बढ़ाने के लिए खाई दवाई, ओवरडेज से हुई युवक की मौत! जानें ऐसी दवा कितनी सुरक्षित?

Gurugram Death Rohit Lal: हरियाणा के गुरुग्राम से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया. दरअसल एक 29 साल के युवक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई.

सिर में गैस चढ़ने पर आ सकता चक्कर! तुरंत अपनाएं ये नुस्खे, मिलेगा आराम

Headache due to gas: सिर में गैस चढ़ने पर हल्का या फिर धड़कता हुआ दर्द, जी मिचलाना, चक्कर आना और थकान जैसी परेशानियां हो सकती हैं.

Recent Comments