Medicinal Plant: हम भले 21वीं सदी में जी रहे है, फिर चाहे हेल्थ सेक्टर में कितनी तरक्की हो गई हो लेकिन बावजूद इसके आज भी लोग आयुर्वेदिक दवाओं पर ज्यादा भरोसा करते हैं. क्योंकि आर्युर्वेदिक दवाई के किसी प्रकार के कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते. वहीं आयुर्वेदिक दवा असरदार भी होती है. आर्युर्वेदिक दवाई में पेड़-पौधे और जड़ी-बूटियां शामिल होती है.
कहा जाता है कि आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज छुपा है. ऐसा ही एक नेचुरल शरीफा का पेड़ है जो हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है. शरीफा यानि सीताफल का पेड़, यह पेड़ औषधीय गुणों का खजाना है, जिसके फल, पत्ते और छाल स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. यह एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी, आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर पाई जाती है, जो इम्यूनिटी बढ़ाता है, पाचन में सुधार करता है, हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और कमजोरी दूर करने में भी मदद करता है.
इन बीमारियों में फायदेमंद शरीफा का पौधा | Custard Apple Plant
दिल का बीमारी: शरीफा (सीताफल) के पत्तों में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-एजिंग गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये पत्ते विटामिन सी, मैग्नीशियम और पोटेशियम से भरपूर होते हैं, जो डायबिटीज कंट्रोल करने, पाचन सुधारने, ब्लड प्रेशर कम करने, घाव भरने और हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करते हैं. इसलिए जो लोग दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं वह शरीफा के पत्तों का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं.
डाइजेस्टिव सिस्टम: शरीफा का पौधा पेट संबंधी बीमारियों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजुद कॉपर और फाइबर तत्व पाचन शक्ति को मजबूत करता है. शरीफा (सीताफल) का पौधा और फल उच्च फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, और आवश्यक खनिजों (कॉपर, मैग्नीशियम) से भरपूर होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं. डायरिया की स्थिति में धूप में सुखाए हुए शरीफे को पीसकर उसका पाउडर बनाएं और पानी के साथ सेवन करें, इससे त्वरित आराम मिलता है.
स्किन एलर्जी: जो लोग स्किन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं वह शरीफा का पौधा का प्रयोग कर सकते हैं. शरीफा (सीताफल) के पौधे की पत्तियां एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुणों होते हैं जो स्किन संबंधी समस्याओं को दूर रखता है. इसकी पत्तियों का पेस्ट बनाकर रैशेज, दाग-धब्बों जैसी लगाएं. ये स्किन की सूजन, खुजली और कीटाणुओं को नष्ट करने में मदद करेगा.
जुकाम-बुखार: शरीफा के पौधा में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो इम्यून बूस्ट करके जुकाम-बुखास जैसी परेशानी को दूर रखते हैं. इसके पत्ते एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होते हैं. इसके पत्तों का काढ़ा बनाकर पीने से जुकाम, बुखार, सर्दी और कफ जैसी समस्याएं जल्दी ठीक होती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


