Top mental disorder: बीमारियों में सिर्फ शारीरिक बीमारियां ही नहीं आती, बल्कि कुछ मानसिक बीमारियां भी होती है जो व्यक्ति को नुकसान पहुंचाती है. मानसिक बीमारी में तनाव, स्ट्रेस आता है. तनाव या फिर स्ट्रेस सुनने में आम लगता है लेकिन ये शरीर के लिए इस हद तक खतरनाक हो सकते हैं कि आपके दिल पर गहरा असर डाल सकते हैं.
मानसिक बीमारियां इतनी खतरनाक हो सकती है कि वह आपके आसपास दुनिया के देखने के नजरिए को बदल सकता है साथ ही आपके मूड, विचार, व्यवहार को भी प्रभावित कर सकता है. मानसिक बीमािरयों में ओसीडी, पीटीएसडी और डिप्रेशन जैसी अनेक बीमारी शामिल हैं. मानिसक बीमारियों की खास बात यह होती है कि उनके बारे में समय रहते पता नहीं चल पाता और इंसान मानसिक बीमारियों की चपेट में आ जाता है.
कितनी तरह की होती मानसिक बीमारी
डिप्रेशन: जब कोई व्यक्ति डिप्रेशन में होता है तो उसकी मेंटल हेल्थ सही नहीं रहती. डिप्रेशन में व्यक्ति को लगातार उदासी, अरूचि किसी काम में मन न लगना, बिना काम के थकान होना, दिनभर के काम न करना, नींद और भूख में बदलाव होना, ध्यान लगाने में परेशानी होना, आत्म हत्या के विचार आने जैसी समस्याए होती है. डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है. डिप्रेशन में व्यक्ति उदास रहता है लेकिन ये उदासी अलग प्रकार की होती है, जो कम से कम दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक बनी रहती है.
पोस्टट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD): पोस्टट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर एक गंभीर मेंटल कंडीशन होती है, जिसमें व्यक्ति किसी भयानक, डरावनी या दर्दनाक घटना को याद करके रोता है. ऐसी कंडीशन में व्यक्ति बार-बार घटना को याद करता है और उसका मन बुरे विचार, सपने और घबराहट से भर जाता है.
मनोग्रसित बाध्यता विकार (OCD): मनोग्रसित बाध्यता विकार एक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति बार-बार अनचाहे विचार आते हैं. और वह एक ही क्रिया को बार-बार दोहराता रहता है. उसे लगता है वह ठीक से नहीं हुआ. इस स्थिति में व्यक्ति को अपने विचारों पर कंट्रोल नहीं होता. सामान्य लक्षणों में कीटाणुओं का अत्यधिक डर, बार-बार सफाई/जांच करना और चीजों को व्यवस्थित करना शामिल है.
अटेंशन डेफिसिटी हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD): अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर एक प्रकार की मानसिक बीमारी है, जिसमें व्यक्ति को ध्यान लगाने में कठिनाई, बिना सोचे-समझे व्यवहार करना की आदत होती है. इस बीमारी में लोग बिना सोचे-समझे कोई भी काम करने लग जाते हैं.
कोई व्यक्ति जन्म से मानसिक बीमारी का शिकार नहीं होता बल्कि कुछ मामलों में ये जीन्स से ट्रांसफर होती है तो कुछ मामलों में व्यक्ति के साथ उसके जीवन में किसी प्रकार की कोई अनचाही घटना या फिर ऐसी स्टोरी हो जाती है जो उसके दिमाग पर गहरा असर डालती है. ऐसे में व्यक्ति का दिमाग गहरे डिप्रेशन में चला जाता है. या फिर किसी पंसदीदा व्यक्ति को खो देना भी मानसिक बीमारी का कारण होता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


