Parkinson’s Treatment: हाथों में बिना वजह कंपन होना, नींद में बात करना या हाथ-पैर चलाना, और अचानक चलने के तरीके में बदलाव ये सामान्य थकान या बढ़ती उम्र के संकेत नहीं भी हो सकते हैं. ये लक्षण गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी पार्किन्सन के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. दिल्ली के Fortis Escorts Hospital की न्यूरोलॉजिस्ट Dr Neha Pandita से फिट रहे इंडिया ने खास बातचीत की जिसमें डॉक्टर ने इस बीमारीर के बारे में डिटेल में बताया है.
पार्किन्सन बीमारी के शुरुआती चार लक्षण होते खास
1. बिना कारण हाथों में कंपन (Tremors): यदि हाथ आराम की स्थिति में भी कांपते हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह पार्किन्सन का सबसे आम शुरुआती लक्षण माना जाता है.
2. नींद के दौरान असामान्य हरकतें: नींद में बात करना, चिल्लाना या हाथ-पैर चलाना एक प्रकार के स्लीप डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है, जो आगे चलकर पार्किन्सन से जुड़ा हो सकता है.
3. चलने के तरीके में बदलाव: अगर चलने की गति धीमी हो जाए, कदम छोटे हो जाएं या संतुलन बिगड़ने लगे, तो यह भी एक चेतावनी संकेत हो सकता है.
4. शरीर में जकड़न (Rigidity): मांसपेशियों में अकड़न या लचीलापन कम होना भी शुरुआती संकेतों में शामिल है.
इन लक्षणों को समय रहते पहचानकर इलाज शुरू किया जाए, तो बीमारी को ज्यादा फैलने से रोका जा सकता है. पार्किन्सन एक प्रोग्रेसिव न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जो मुख्य रूप से दिमाग के उस हिस्से को प्रभावित करता है जो शरीर की मूवमेंट को नियंत्रित करता है. डॉ. पंडिता ने लोगों से अपील की है कि यदि इनमें से कोई भी लक्षण लगातार दिखाई दे, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें और जरूरी जांच कराएं.
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