Tongue Stretch: आजकल सोशल मीडिया पर एक आसान सा हेल्थ ट्रेंड काफी चर्चा में है. सिर्फ 40 सेकंड तक जीभ बाहर निकालकर रखना. सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह एक तरह की ओरल और टंग एक्सरसाइज है, जो मुंह और चेहरे की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकती है.
इसे मेडिकल भाषा में ओरोफेशियल एक्सरसाइज (Orofacial Exercise) या टंग स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज कहा जाता है. रिसर्च में पाया गया है कि नियमित रूप से ऐसी एक्सरसाइज करने से जीभ और गले की मांसपेशियों की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है.
जीभ की एक्सरसाइज से क्या फायदे हो सकते हैं?
- जीभ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं
रिसर्च के अनुसार, नियमित टंग एक्सरसाइज से जीभ की ताकत बढ़ सकती है. इससे निगलने (swallowing) की प्रक्रिया भी बेहतर हो सकती है.
- निगलने और बोलने में सुधार
जब जीभ मजबूत होती है, तो मुंह की मांसपेशियों पर नियंत्रण बेहतर होता है. इससे खाने-पीने और बोलने में भी आसानी हो सकती है.
- खर्राटों और स्लीप एपनिया में मदद
कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि ओरोफेशियल एक्सरसाइज करने से स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) के लक्षणों में सुधार हो सकता है। साथ ही खर्राटों की समस्या भी कम हो सकती है.
- मुंह और गले की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं
इस एक्सरसाइज से जीभ और गले की मांसपेशियों में बेहतर कोऑर्डिनेशन और ताकत विकसित हो सकती है.
- जीभ की शक्ति (Tongue Pressure) बढ़ सकती है
लगातार कुछ हफ्तों तक अभ्यास करने से जीभ की पकड़ और ताकत बढ़ सकती है, जिससे खाने और सांस लेने की प्रक्रिया में भी मदद मिल सकती है.
क्या सच में 40 सेकंड काफी हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ 40 सेकंड की एक्सरसाइज एक शुरुआत हो सकती है, लेकिन बेहतर परिणाम के लिए इसे नियमित और सही तरीके से करना जरूरी है। कुछ मामलों में इसे दिन में कुछ मिनट तक भी किया जाता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

